
यूपी विधानसभा चुनाव 2022
वाराणसी. UP assembly elections 2022: यूपी की सियासत में अपनी खोई जमीन की तलाश में जुटी कांग्रेस का पूरा फोकस इस बार आधी आबादी पर है। इसके तहत ही पार्टी अब तक घोषित 255 सीटों के प्रत्याशियों में से 103 महिला प्रत्याशी उतार चुकी है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में फिल्म ग्लैमर का तड़का लगाने की तैयारी में है। वैसे पार्टी सूत्रों की मानें तो पार्टी की महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा की महिला टीम बनारस में लगातार सक्रिय है। स्थानीय संगठन से इतर ये महिला टीम वाराणसी की शहरी क्षेत्र में ज्यादा सक्रिय है।
पार्टी सूत्रों की मानें तो कांग्रेस की कोशिश है कि बनारस के शहरी क्षेत्र की दो सीटें जिन पर बीजेपी का तीन दशक से कब्जा है उन पर फोकस कर रही है। इसमें एक कैंट विधानसभा सीट है दूसरी है शहर दक्षिणी विधानसभा सीट। पार्टी सूत्रों के मुताबिक कैंट विधानसभा क्षेत्र में प्रियंका गांधी की महिला टीम पूरी मुस्तैदी से लगी है। कहा जा रहा है कि यहां से किसी महिला को टिकट मिल सकता है। इसके लिए प्रियंका की महिला टीम पार्टी की रीति-नीति से तो लोगो को वाकिफ करा ही रही है साथ ही मजबूत व महिला प्रत्याशी की तलाश भी कर रही है। ये महिला प्रत्याशी बंगाली हो तो सोने पे सुहागा होगा। वैसे पार्टी के मजबूत दावेदारों की बात करें तो रामनगर पालिका परिषद की तीन बार चेयरमैन रह चुकीं रेखा शर्मा का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है। ये वही रेखा शर्मा हैं जिनका टिकट स्थानीय कांग्रेस कमेटी ने पिछले निकाय चुनाव में काट दिया था। ऐसे में वो निर्दल चुनाव लड़ीं और जीत हासिल की। पार्टी का मानना है कि ओबीसी कैटेगरी की रेखा शर्मा भी मजबूत दावेदार हैं। हालांकि कैंट विधानसभा सीट से पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद डॉ राजेश मिश्र भी दावेदार हैं जो इन दिनों टिकट पक्का कराने के लिए दिल्ली में डेरा डाले हैं।
वहीं पार्टी शहर उत्तरी में बीजेपी विधायक रवींद्र जायसवाल के मुकाबिल एक भोजपुरी फिल्म अभिनेत्री रानी चटर्जी उर्फ साहिबा शेख को उतारने की तैयारी में है। बता दें कि हाल ही में रानी ने कांग्रेस ज्वाइन की है। इसका खुलासा भी उन्होंने प्रियंका गांधी के साथ की अपनी फोटो इंस्ट्राग्राम पर शेयर कर किया था। अब बताया जा रहा है कि अभिनेत्री रानी चटर्जी (Rani Chatterjee) ने इसके लिए हामी भी भर दी है। रानी चटर्जी मूलतः मुस्लिम हैं और शहर उत्तरी विधानसभा में 2012 के परिसीमन के बाद भले ही मुस्लिम मतदाताओं का बड़ा हिस्सा शहर दक्षिणी में चला गया हो पर अभी भी यहां मुस्लिमों की अच्छी खासी आबादी है। पिछले चुनाव में शहर उत्तरी से कांग्रेस-सपा गठबंधन से सपा के अब्दुल समद कांग्रेस के टिकट पर मैदान में थे और उन्होंने बीजेपी के रविंद्र जायसवाल को कड़ी टक्कर दी थी। दूसरे नाम बदला होने से हिंदू मतों को भी लुभाने का काम इस भोजपुरी महिला अभिनेत्री के जरिए हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो कांग्रेस ये मुकाबला रोचक बना सकती है।
वहीं शहर दक्षिणी की बात करें तो ये सीट भी कांग्रेस के निशाने पर है। यहां भी प्रियंका गांधी वाड्रा की महिला टीम लगी है। बता दें कि 2017 के चुनाव में इस सीट से बीजेपी प्रत्याशी डॉ नीलकंठ तिवारी को कांग्रेस दिग्गज पूर्व सांसद डॉ राजेश मिश्र ने कड़ी टक्कर दी थी। वैसे उससे पहले 2012 विधानसभा चुनाव की बात करें तो भी कांग्रेस के टिकट पर डॉ दयाशंक मिश्र दयालू जो 2014 से बीजेपी में चले गए हैं ने बीजेपी के श्यामदेव राय चौधरी को कड़ी टक्कर दी थी। इस तरह से दो चुनावों से शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस कम अंतर से हार रही है। ऐसे में एक बार फिर से पूरी ताकत से यहां प्रत्याशी उतारने की कवायद चल रही है। वैसे शहर दक्षिणी से भी एक बंगाली महिला की तलाश है।
वैसे कांग्रेस को इंतजार है बीजेपी की सूची का। बीजेपी की सूची जारी होने के बाद ही कांग्रेस अपना पत्ता खोलेगी। वैसे भी वाराणसी में सातवें व अंतिम चरण में मतदान होना है।
Published on:
29 Jan 2022 05:08 pm

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