छत्तीसगढ़ चुनावी राज्य है। और कांग्रेस छत्तीसगढ़ में सत्ता में है। छत्तीसगढ कांग्रेस में सब कुछ ठीक नजर नहीं आ रहा है। प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के संगठन में फेरबदल के आदेश को छत्तीसगढ़ प्रभारी कुमारी सैलजा ने निरस्त कर दिया। इसके बाद तो पार्टी में घमासान मच गया है।
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव पूर्व सत्ताधारी दल कांग्रेस में सत्ता और संगठन के बीच टकराव देखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस की प्रभारी कुमारी सैलजा ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मोहन मरकाम के संगठन में फेरबदल के आदेश को रद कर दिया है। इसके बाद शुक्रवार सुबह कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि वे अपने आदेश में कोई बदलाव नहीं करेंगे। इसकी समीक्षा होगी। जब तक नया आदेश जारी नहीं होता है, तब तक उनके आदेश के अनुसार महामंत्री काम करें। पर शाम होते ही उनके सुर बदल गएा। उन्होंने कहा प्रभारी का निर्देश मिला है। इसके अनुसार कार्य किया जाएगा। मोहन मरकाम के पहले आदेश के बाद कुमारी सैलजा दोपहर को दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मरकाम ने 16 तारीख को संगठन में फेरबदल का आदेश जारी किया था।
कुमारी सैलजा ने मोहन मरकाम को लिखा पत्र
कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के नए आदेश के बाद राज्य प्रभारी कुमारी सैलजा ने मोहन मरकाम को पत्र लिखकर 16 जून के आदेश को निरस्त कर दिया है। सैलजा ने मरकाम को संबोधित करते हुए पत्र में कहा आपके पत्र क्रमांक संख्या 108ध्2023 दिनांक 16 जून 2023 को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी में पदाधिकारियों की नियुक्ति के आदेश को निरस्त किया जाता है।
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कांग्रेस महासचिव ने आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने का दिया निर्देश
कांग्रेस महासचिव ने लिखा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी में रवि घोष जी को महामंत्री प्रभारी, प्रशासन एवं संगठन के पद का प्रभार दिया जाए। कृपया यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार यह फैसला गुरुवार देर शाम मुख्यमंत्री आवास पर हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में दिया गया था। इस बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कुमारी सैलजा, मोहन मरकाम समेत कुछ मंत्री भी मौजूद थे। इसके बाद प्रदेशाध्यक्ष बौखला गए और उन्होंने अगले दिन शुक्रवार को काउंटर आदेश जारी किया था।
कांग्रेस ने अपनी नियत स्पष्ट की - रमन सिंह
भाजपा ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा। पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह ने ट्वीट कर कहा कि आपसी कलह के चलते पहले आदिवासी अध्यक्ष की तस्वीर से परहेज था अब उनकी कलम से निकले आदेश को निरस्त कर कांग्रेस ने अपनी नियत स्पष्ट की है।