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MP Election 2023: झाबुआ में पलायन और सामान्य वर्ग की पीड़ा पर दोनों ही दल चुप क्यों…?

झाबुआ जिला: रोजगार के अभाव में आदिवासी युवा कर रहे पलायन, पलायन और सामान्य वर्ग की पीड़ा पर दोनों दलों ने साध रखी है चुप्पी

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Nov 13, 2023

कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाली झाबुआ सीट पर इस बार पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया (kantilal bhuria) की साख दांव पर है। कांग्रेस ने उनके बेटे डॉ. विक्रांत (dr vikrant bhuria) को मैदान में उतारा है। उन्हें कड़ी चुनौती भाजपा प्रत्याशी भानू भूरिया (bhanu bhuria) दे रहे हैं। असली-नकली आदिवासी को लेकर दलों का द्वंद्व अब चुनावी मुद्दा बनने लगा है, क्योंकि भाजपा प्रत्याशी ने कांग्रेस प्रत्याशी को नकली आदिवासी बताकर चुनौती दे डाली है। आदिवासियों का पलायन और भू-राजस्व संहिता की धारा 165 (6) ख मुख्य मुद्दा है, लेकिन दोनों दलों ने इन मुद्दों पर चुप्पी साध रखी है। रोजगार के लिए जहां युवा अपनी माटी और घर-परिवार छोड़ने को विवश हैं।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक भंडारी बताते हैं, धारा 165 सामान्य वर्ग के लिए जी का जंजाल बन गई है। मुसीबत-बीमारी में भी वह अपनी जमीन या भवन नहीं बेच पा रहे। भारती सोनी, शीतल जादौन ने कहा, मुख्य बाजार में महिलाओं के लिए प्रसाधन की सुविधा नहीं है। डॉ. केके त्रिवेदी ने बताया, इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रोफेसर नहीं हैं।

प्रमुख मुद्दे

भानू भूरिया

विक्रांत भूरिया

Updated on:
13 Nov 2023 10:34 am
Published on:
13 Nov 2023 09:31 am
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