
File Photo of Aman Mani Tripathi and Protester Madhumita Sister and Sara Singh Mother
UP Assembly Elections 2022 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे अमनमणि त्रिपाठी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जिसमें कवियत्री मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ल और सारा सिंह की मान सीमा सिंह मायावती के घर पर धरना देने पहुंची हैं। सारा सिंह ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ मायावती कानून की बात करती हैं तो दूसरी तरफ कानून हाथ में लेने वाले को बसपा का उम्मीदवार बनाती हैं. इस तरह कैसे प्रदेश में मां-बहनों की रक्षा होगी। विधायक अमन मणि त्रिपाठी पूर्व विधायक अमर मणि के बेटे हैं। अमनमणि पर पत्नी की हत्या का आरोप है वहीं उनके पिता पर प्रेमिका मधुमिता शुक्ल हत्याकांड में सज़ा हो चुकी है।
साल 2017 से विधायक बनें थे अमन मणि त्रिपाठी, Yogi Adityanath के करीबी
साल 2017 के यूपी चुनाव में अमनमणि त्रिपाठी ने बतौर निर्दलीय उम्मीदवार 16 हजार वोटों से जीत दर्ज की थी. त्रिपाठी और अन्य लोगों के खिलाफ गोरखपुर के एक व्यापारी का फिरौती के लिए अपहरण करने का आरोप है. इस मामले में पुलिस आज भी उनकी तलाश कर रही है। लेकिन केस फाइलों में बंद है। पहले चर्चा थी कि अमनमणि भाजपा से चुनाव लड़ेंगे। फिर उन्हे बसपा से टिकट मिला और वो अब चुनावी मैदान में हैं। वैसे अमनमणि और उनके पिता योगी आदित्यनाथ और गोरखपुर मठ के काफी करीबी मानें जाते हैं।
पत्नी के हत्या मामले में जेल से लड़े थे चुनाव
अमनमणि त्रिपाठी, पूर्व बाहुबलि अमरमणि त्रिपाठी के बेटे हैं। 2017 में जब अमनमणि त्रिपाठी ने निर्दलीय पर्चा भरा था, तब वो अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में जेल में थे। उनके पिता और मां भी जेल में थे। बहनों ने प्रचार किया था और आखिरकार अमनमणि त्रिपाठी पहली बार विधानसभा पहुंचे थे।
पिता अमर मणि त्रिपाठी को मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में हुई थी जेल
उत्तर प्रदेश की राजनीति में कभी अपनी ठसक रखने वाले अमरमणि त्रिपाठी इन दिनों पत्नी के साथ जेल की सजा काट रहे हैं। अमरमणि त्रिपाठी और मधुमिता शुक्ला हत्याकांड की इस कहानी में राजनीति के दांव-पेंच से लेकर इश्क और मर्डर तक सब कुछ है।
कविताओं में मधुमिता का नाम जाना पहचाना था वो वीर रस की अच्छी कविताओं के लिए जाना माना नाम बन चुकी थीं। लेकिन मीडिया में उनका नाम पहली बार 9 मई 2003 को सबके सामने आया। उत्तर प्रदेश में लखनऊ की पेपरमिल कॉलोनी में उभरती वीर रस की कवियत्री मधुमिता शुक्ला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम में सामने आया कि मधुमिता गर्भवती थीं। डीएनए जांच कराई तो पिता की पहचान अमरमणि त्रिपाठी के तौर पर हुई और यहीं से एक बाहुबली विधायक के वर्चस्व का किला धीरे धीरे कमजोर होने लगा।
बाहुबली विधायक अमर मणि हर पार्टी का साथी, लेकिन बदलती गई विरासत
अमरमणि त्रिपाठी की पहचान एक ऐसे बाहुबली नेता के तौर पर होती है। राजनीतिक गलियारों में कभी वो बसपा में रहे तो कभी सपा मे के साथ हाथ मिलाया। राजनीतिक दबंगाई होने के साथ साथ क्षेत्र में बाहुबली इस विधायक के साथ मधुमिता शुक्ल का नाम जुड़ा तो देश भर में इस कहानी को हवा मिलने लगी। लेकिन हत्याकांड की खुलती परतों ने उसी बाहुबली को दोषी साबित कर दिया।
Updated on:
10 Feb 2022 12:56 pm
Published on:
10 Feb 2022 12:45 pm

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