Uttar Pradesh's New Electric Vehicle Policy: उत्तर प्रदेश की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के माध्यम से राज्य में 30,000 करोड़ रूपये के निवेश की तैयारी है।
देश के लोगों में इलेक्ट्रिक वाहनों का क्रेज़ तेज़ी से बढ़ रहा है। पेट्रोल और डीज़ल की ऊँची कीमत भी इसकी एक मुख्य वजह है। ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों की डिमांड में भी ज़बरदस्त तेज़ी आई है। इसी के चलते देश की ही नहीं, बल्कि विदेशी कंपनियाँ भी भारत के इलेक्ट्रिक वाहन मार्केट में समय-समय पर नए वाहनों को लॉन्च क्र रही हैं। सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर पॉलिसी भी तैयार करती है। हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने इस विषय में एक नई पॉलिसी लेकर आई है।
30,000 करोड़ रूपये के निवेश की तैयारी
हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एक नई पॉलिसी का निर्माण किया है। इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य त्तर प्रदेश में इको-फ्रेंडली परिवहन सिस्टम को विकसित करने के साथ ही राज्य को इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन के साथ ही इसकी बैट्री और दूसरे ज़रूरी पार्ट्स के भी उत्पादन में ग्लोबल हब बनाना है। इस पॉलिसी के तहत राज्य में 30,000 करोड़ रुपये के निवेश करवाने की तैयारी है।
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10 लाख लोगों को मिलेगी नौकरी
उत्तर प्रदेश की इस नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के तहत 10 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।
ग्राहकों को भी मिलेगा फायदा
उत्तर प्रदेश सरकार की इस नई पॉलिसी के तहत ग्राहकों को भी फायदा मिलेगा। उन्हें अच्छे इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ ही इसकी बैट्री और दूसरे ज़रूरी पार्ट्स भी आसानी से उपलब्ध हो पाएंगे। साथ ही उन्हें अपने वाहनों को चार्ज करने की बेहतर सुविधा भी मिलेगी। इस पॉलिसी के तहत ग्राहकों को इलेक्ट्रिक वाहनों पर आकर्षक सब्सिडी भी दी जाएगी। इसमें उन्हें रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से भी छुटकारा मिलेगा। और अगर इलेक्ट्रिक वाहन को राज्य में ही बनाया गया है तो यह छूट चौथे और पांचवे साल भी मिलेगी। साथ ही सब्सिडी के लिए खरीदे गए इलेक्ट्रिक वाहनों के फैक्ट्री मूल्य पर 15% सब्सिडी भी दी जाएगी। इसके साथ ही राज्य के सरकारी कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक वाहन लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
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