
Kapoor Family
अपनी कड़क आवाज और दमदार अभिनय से लगभग चार दशकों तक सिने प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाले भारतीय सिनेमा जगत के युगपुरुष पृथ्वीराज कपूर काम के प्रति समर्पित और नरम दिल वाले इंसान थे। फिल्म इंडस्ट्री में 'पापाजी' के नाम से मशहूर पृथ्वीराज अपने थिएटर के तीन घंटे के शो के समाप्त होने के पश्चात गेट पर एक झोली लेकर खड़े हो जाते थे ताकि शो देखकर बाहर निकलने वाले लोग झोली में कुछ पैसे डाल सकें।
पृथ्वीराज कपूर से लेकर परिवार के लाडले बेटे रणबीर कपूर तक कई ऐसे नाम हैं जिन्होंने बॉलीवुड में लगातार हर दशक में कपूर परिवार के कीर्तिमान स्थापित किए हैं। आज हम यहां आपको पृथ्वीराज कपूर के परिवार से जुड़ी उन छोटी-छोटी बातों को शेयर करेंगे जिन्हें शायद आप न जानते हों। जैसे बॉलीवुड में इनके परिवार का इतिहास, इनकी शादियों से जुड़े अहम पहलू और परिवार से जुड़े कुछ खास विवाद। लेकिन सबसे पहले हम बात करेंगे पृथ्वीराज कपूर के जीवन से जुड़ी कुछ खास बातों की-
-पृथ्वीराज कपूर का जन्म 3 नवंबर 1906 को पश्चिमी पंजाब के लायलपुर (अब पाकिस्तान) शहर में हुआ था। महज 18 वर्ष की उम्र में ही उनका विवाह कर दिया गया था।
-वर्ष 1928 में पृथ्वीराज कपूर ने फिल्म 'खानदान' से अपने करियर की शुरुआत की। वर्ष 1931 में प्रदर्शित पहली सवाक फिल्म 'आलमआरा' में सहायक अभिनेता के रूप में काम करने का मौका मिला। वर्ष 1934 में देवकी बोस की फिल्म 'सीता' की कामयाबी के बाद बतौर अभिनेता पृथ्वीराज कपूर अपनी पहचान बनाने में सफल हो गए। रंजीत मूवी के बैनर तले वर्ष 1940 में प्रदर्शित फिल्म 'पागल' में पृथ्वीराज कपूर ने अपने सिने करियर में पहली बार एंटी हीरो की भूमिका निभाई। इसके बाद वर्ष 1941 में सोहराब मोदी की फिल्म 'सिकंदर' की सफलता के बाद पृथ्वीराज कपूर कामयाबी के शिखर पर जा पहुंचे।
-वर्ष 1948 में पृथ्वीराज कपूर ने फिल्म 'आग' से निर्देशन की शुरुआत की। महज 24 साल की उम्र में वह सबसे युवा निर्देशक बन गए।
-पृथ्वीराज बेटे राजकपूर, शशि कपूर, शम्मी कपूर इनका भी हिंदी सिनेमा जगत में अपना एक अलग ही इतिहास रहा।
-बॉलीवुड के सबसे बड़े शोमैन राजकपूर की फिल्मों में जिन्दगी का सच पिरोया होता था। सिनेमा ही राजकपूर की जिन्दगी थी और उनकी हर फिल्म जिन्दगी की एक जागती तस्वीर। राजकपूर ने ही डिम्पल कपाड़िया फिल्म बॉबी से 'लॉन्च' किया था। राज कपूर की पत्नी कृष्णा उनके मामा की बेटी थीं।
-राजकपूर के छोटे भाई शशि कपूर ने फिल्म आवारा में उनके बचपन का रोल अदा किया था। शशि कपूर ने आग, दीवार, जैसी कई सुपरहिट फिल्में की। शशि कपूर ने एक ब्रिटिश अभिनेत्री जेनिफर केंडिल से शादी की थी। शशि के बच्चे विदेशी शक्ल औक सूरत होने की वजह से हिंदी फिल्मों में नहीं चल सके।
-राजकपूर के तीसरे भाई शम्मी कपूर को डांसिग स्टार कहा जाता था। इन्होंने शर्मीला टैगोर, आशा पारेख जैसी अभिनेत्रियों के साथ कश्मीर की कली, दिल देके देखों में बतौर नायक काम किया।
-शम्मी कपूर के बेटे आदित्य राज ने 53 साल की उम्र में फिल्म चेज से अपने करियर की शुरुआत की लेकिन यह फिल्म बुरी तरह फ्लॉप रही।
-राज कपूर के पहले बेटे रणधीर कपूर ने फिल्मों में एक लंबी पारी खेली। रणधीर ने अभिनेत्री बवीता से शादी कर ली जिनसे उन्हें दो बेटियां हुई करिश्मा और करीना कपूर। करिश्मा और करीना ने बॉलीवुड में उस वक्त कीर्तिमान स्थापित किए हैं जब बॉलीवुड से कपूर परिवार के सारे पुरुषों ने इस फिल्म जगत से किनारा कर लिया था। बाद में करिश्मा ने अपने दोस्त संजय से शादी कर ली थी। हालांकि अब दोनों तलाक ले चुके हैं। इतना ही नहीं, करीना कपूर के नवाब और सुपरस्टार सैफ अली खान से शादी कर ली हैं।
-राजकपूर के बेटे ऋषि कपूर को फिल्म मेरा नाम जोकर के लिए सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार के रुप में राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया था। जबकि उनके सबसे छोटे बेटे राजीव कपूर फिल्मों में कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके।
-बॉलीवुड के सुपरस्टार रणबीर कपूर ऋषि कपूर के बेटे हैं। उनकी मां नीतू कपूर अपने जमाने की मशहूर अदाकारा हैं। रणबीर कपूर ने फिल्म सांवरिया से अपने करियर की शुरुआत की थी । हालांकि ये फिल्म नही चली थी। लेकिन रणबीर ने बर्फी, बचना ए हसीनों, अजब प्रेम की गजब कहानी जैसी कई सुपरहिट फिल्में दी है।
कपूर विवाद......
कपूर परिवार विवादों से न जुड़े ऐसा हो ही नहीं सकता। बात चाहें राजकपूर के अफेयर की हो या फिर करिश्मा और करीना के अफेयर की कोई किसी से कम नहीं रहा। इन सब में हमारे छोटे जनाब रणबीर भी कहां पीछे रहने वाले थे। कैटरीना के साथ उनके रोमांस से लेकर ब्रेकअप तक हमेशा ही विवादों में रहा। अब जब बेटा इतना है तो बाप भी किसी कम नहीं हैं। विवाद और ऋषि कपूर का नाम न हो ऐसा हो ही नहीं सकता। हाल ही में ऋषि ने देश में नेहरु-गांधी परिवार के नामों वाली संपत्तियों पर टिप्पणी की है। जिसके बाद से ही इस मामले ने तूल पकड़ लिया है।
ऋषि ने कहा कि देश में कई महत्वपूर्ण स्थानों के नाम सिर्फ नेहरू-गांधी परिवार के नाम पर ही रखे जाते हैं। इन स्थानों को उनका नाम दिया जाना चाहिए जिन्होंने देश के लिए योगदान दिया है। ऋषि कपूर ने ट्वीट करते हुए ये बाते कहीं जिसमें उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली में सड़कों के नाम बदल सकते हैं, तो ऐसी संपत्तियों के नाम क्यों नहीं? चंडीगढ़ में राजीव गांधी के नाम पर स्थानों के नाम, सोचिए, क्यों?
लेकिन शायद ऋषि कपूर ये भूल गए हैं कि कभी उनके पिता राजकपूर के गांधी परिवार के अच्छे समर्थक हुआ करते थे।
Published on:
30 May 2016 04:58 pm
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