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मैं वर्कोहॉलिक नहीं, खुलकर जीवन जीती हूं, खोखला सिनेमा पसंद नहीं, बैलेंस लाइफ मेरी प्रायोरिटी

मुंबई. आधी आबादी यानी महिलाओं की सोच को अखबार में उतारने के लिए राजस्थान पत्रिका की संडे वुमन गेस्ट एडिटर की पहल के तहत आज की गेस्ट एडिटर अभिनेत्री कीर्ति कुल्हरी हैं। कीर्ति मूलत: झुंझुनूं की रहने वाली हैं और मुंबई में पली-बढ़ी हैं। आप 'पिंक', 'इंदु सरकार', 'ब्लैकमेल' और 'उरी द सर्जिकल स्ट्राइक' जैसे गंभीर मुद्दों वाली फिल्मों में अहम भूमिकाएं निभा चुकी हैं। वहीं वेबसीरीज ‘फोर मोर शॉट्र्स प्लीज’ और ‘ ह्यूमन’ के जरिए विशेष पहचान हासिल की है। इस साल आप ‘खिचड़ी 2’ फिल्म में नजर आने वाली हैं।  

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जयपुर

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Jaya Sharma

May 28, 2023

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खुद के लिए टाइम निकालना जरूरी
मेरे लिए मेरे काम और जिंदगी का संतुलन सबसे ज्यादा जरूरी है। मैं अपने काम से ज्यादा खुद से प्यार करती हूं, मैं वर्कोहॉलिक नहीं हूं। खुलकर जीवन जीती हूं, फिर भले ही वह टैटूज बनवाना हो या फिर अपनी पसंद के बाल कटवाना। मैं अपनी सोलो ट्रिप्स और परिवार को पूरा टाइम देती हूं। मैं घर पर एक कप चाय को भी एंजॉय करती हूं, खुद के साथ समय बिताती हूं, अभी नया घर बनवा रही हूं, जिस पर भी पूरा ध्यान दे रही हूूं। मुझे लगता है कि इस तरह से आप संपूर्ण जिंदगी जीते हैं। यदि कभी काम ज्यादा करने लगती हूं, तो उसी समय खुद को सही करती हूं और बैलेंस बनाने की कोशिश करती है। आप जितना जिन्दगी में संतुलन लेकर लेकर आएंगे, उतना ही कामयाब होते चले जाएंगे।

मुझे खोखला सिनेमा पसंद नहीं, कुछ ऐसा चुनती हूं जिससे संदेश मिले
मुझे खोखला सिनेमा पसंद नहीं है, हमेशा कुछ ऐसा चुनने की कोशिश करती हूं, जिससे कुछ न कुछ संदेश दर्शकों को पहुंचा सकूं। कहानियां और किरदार ऐसे हों, जिससे मुझे भी कुछ नया सीखने को मिले। फिल्मों के जरिए हमारे पास इतना बड़ा मौका है, कुछ खास संदेश को लोगों तक पहुंचाने का। मुझे तसल्ली से काम करना पसंद है, जो मुझे भीड़ से अलग करता है। हमेशा रियल रहना चाहती हूं। ज्यादा भागदौड़ वाला काम मैं कम पसंद करती हूं।

तनाव दूर करने का तरीका खोज लिया
वर्ष 2009—10० का समय मेरे लिए मुश्किल भरा था, उस समय काफी डिप्रेशन में चली गई थी। तभी मैंने तनाव को दूर करने का स्थाई तरीका खोज लिया। मैं स्प्रिएचुलिटी से जुड़ गई। ट्रोलिंग से दूर रहने की कोशिश करती हूं और शांत रहती हूं। गल्र्स को यही कहना चाहंूगी कि कभी शॉर्टकट न अपनाएं।
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मैंने अपने डर को दूर किया
मुझे डर था कि मेरी शादी नहीं चली तो मेरी जिन्दगी का क्या होगा, वह डर जा चुका है। अभी मैं खुद को मजबूत महसूस कर रही हूं। मुझे लगता है कि महिलाओं को अपनी जिंदगी का कंट्रोल खुद करना चाहिए, इससे अच्छा अहसास कुछ और नहीं, कभी गिवअप न करें। आपकी हिम्मत ही परिवार की हिम्मत है।
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ट्रैवलिंग करना जरूरी
जिस चीज से मुझे खुशी मिलती है, वो मेरी प्राथमिकता है। फिर भले ही वह सोलो ट्रिप्स हो या फिर अपनी पसंद के बाल कटवाना। मुझे लगता है जब आप हर एक चीज में इंवॉल होते हो, तो जिन्दगी को खुलकर जीते हैं। मैं कभी नहीं चाहती कि किसी चीज में इतना अटक जाऊं कि बाकि चीजें नैगलेट न हो जाए।
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एक मन था कुछ करने का
मेरा परिवार मूलत: राजस्थान के पिलानी का रहने वाला है। मैं मुंबई में पली—बढ़ी हूं। हालांकि गर्मियों की छुिट्टयों में गांव जाते थे, तो वहां की यादें भी मेरे साथ है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि इंडस्ट्री ज्वॉइन करूंगी, कॉलेज में कुछ ऐसे मौके मिले जो बढ़ते—बढ़ते इंडस्ट्री की ओर खींच लाए। हमेशा से कुछ करने का मन था।

सिर्फ सपने देखने से कुछ नहीं होता
लोग कहते हैं बड़े सपने देखने चाहिए, लेकिन सिर्फ सपने देखने से कुछ नहीं होता, उसके साथ सही दिशा में मेहनत भी करनी चाहिए। जो गल्र्स मॉडलिंग और एक्टिंग को चुनना चाहती हैं, उन्हें मैसेज देना चाहूंगी कभी भी शॉर्टकट को न चुनें। यदि वह सच में कुछ करना चाहती हैं, तो मेहनत करें। फिर पूरा यूनिवर्स रेस्पॉन्ड करने लगता है। सबसे अहम बात है आप किस मन से काम शुरू कर रहे हैं, आप उस काम के लिए कितने क्लीयर हैं। ये सवाल आप खुद से करिए। खुद के प्रति ईमानदार रहिए, तो आपको सफलता जरूर मिलेगी।

‘खिचड़ी 2’ को लेकर मैं बहुत ज्यादा उत्साहित
मेरी आने वाली फिल्मों में Òखिचड़ी 2Ó है, जिसे लेकर मैं काफी उत्साहित हूं। इस मूवी को करने में मुझे 10 गुना ज्यादा मजा आ रहा है। आने वाली फिल्मों नायका मूवी है। इस साल मेरी कॉमिक साइड देखने को मिलेगी। लोगों को बहुत ज्यादा मजा आने वाला है। मुझे सिम्पल कहानियों से बहुत ज्यादा लगाव है। सिम्पल चीज को सिम्पल रखना सबसे बड़ा चैलेंज होता है। मुझे लगता है कि कुछ अच्छी कहानियां, कुछ अच्छे किरदार और कुछ संदेश से मेरी जर्नी में भी ग्रोथ होती है, दिल और दिमाग दोनों खुलता है।

ओटीटी में बढ़ रहे आॅप्शन
ओटीटी में ऑप्शंस लगातार बढ़ रहे हैं, बहुत सारे नए लोग बॉलीवुड इंडस्ट्र्री में आए हैं वे काम भी अच्छा कर रहे है। च्छा काम करने वाले लोग सामने आ रहे है। यह अपने आप में बहुत ही अच्छी बात है, चाहत यही है यह सिलसिला जारी रहे और बेहतर से बेहतर काम हो।

महिलाओं से कहना चाहूंगी
महिलाओं को कोशिश करनी चाहिए कि अपनी जिन्दगी के फैसले लेने का मौका उन्हें मिलना चाहिए। बच्चों को भी चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। मेरे पैरेंट्स ने मेरा सपोर्ट किया, जिसकी बदोलत आज मैं यहां हूं। बहुत जल्दी गिवअप न करें। पैरेंट्स घर में अपने बच्चों के लिए बराबरी का माहौल बनाए।

ट्रोलिंग के जहर से खुद को रखती हूं दूर
मुझे ट्रोलिंग अनहैल्दी लगती है, ट्रोलिंग से डिस्टेंस बनाकर चलती हूं। लोगों को मैं बदल नहीं सकती, ऐसे में खुद को शांत रखने की काशिश करती हूं। मुझे लगता है सोशल साइट्स का एक साइड यह भी है, जिसे आपको डील करना होगा।