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रितुपर्णा सेनगुप्ता ने कहा-बच्चों की मुस्कराहट मिटा देती है सारी थकान, मातृत्व से ज्यादा आनंददायक दुनिया में कुछ नहीं

अभिनेत्री रितुपर्णा सेनगुप्ता बंगाली फिल्म 'धान' के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया है। उनका कहना है कि मातृत्व से ज्यादा आनंददायक इस दुनिया में कुछ भी नहीं।

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Abhishek Pareek

Jul 30, 2016

प्रसिद्ध बंगाली अभिनेत्री रितुपर्णा सेनगुप्ता का कहना है कि मातृत्व से ज्यादा आनंददायक इस दुनिया में कुछ भी नहीं। सिनेमा की दुनिया में अपने बेहद बोल्ड किरदारों के लिए जानी जाने वाली रितुपर्णा दो बच्चों की मां भी हैं। उनका कहना है कि इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप जीवन में क्या हांसिल कर चुके हैं। अंत में जो सबसे जरूरी है, वह है आपके बच्चों की मुस्कराहट। जब मैं अपनी पूरे दिन की शूटिंग से थकी-मांदी घर पहुंचती हूं और दरवाजे पर ही मेरी बेटी दौड़कर मुझे गले लगा लेती है, तो सच मानिए मेरी सारी थकावट गायब हो जाती है। आप जीवन में किसी भी दूसरे जरिए से यह प्यार और आनंद नहीं पा सकते।
अपने बचपन के दोस्त, संजय चक्रबर्ती से, 15 साल पहले शादी के बंधन में बंधी रितुपर्णा बताती हैं कि उनके पति सिंगापुर में रहते हैं और वहीं बिजनेस करते हैं। यही कारण है कि उन्हें अपना समय कोलकाता, मुंबई और सिंगापुर के बीच बांट के रखना पड़ता है ताकि वह अपने काम और परिवार के बीच एक सामंजस्य बना कर रख सकें। इस बीच उन्हें अपने 10 साल के बेटे अनकन और बेटी (4) रिशोना का भी पूरा ध्यान रखना होता है।
हाल ही में रिलीज हुई अपनी बंगाली फिल्म 'प्रकटन' के लिए रितुपर्णा को आलोचकों की काफी तारीफ मिल रही है। अपने शादीशुदा रिश्ते के बारे में बात करते हुए वह कहती हैं कि मेरी और मेरे पति की हर विषय पर अलग राय है और यही कारण है कि हमारे झगड़े भी खूब होते हैं, लेकिन हमें एक दूसरे की आदत पड़ चुकी है। वह बताती हैं कि मेरे पति काफी नर्ममिजाज और प्रैक्टिकल हैं, जबकि मैं उतनी ही भावनात्मक और बचकानी हूं। संजय कहते हैं कि मैं वह बच्चा हूं जो कभी बड़ा नहीं होगा।

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रितुपर्णा बताती हैं कि मैं लगभग हर दूसरी फिल्म में किसी नए लड़के के साथ काम करती हूं, लेकिन इस बात ने कभी संजय और मेरे बीच दूरियां नहीं आने दी। मेरे पति काफी सुलझे हुए हैं और वो यह अच्छे से जानते हैं कि मेरी पत्नी को कई लोग चाहते हैं क्योंकि वह पर्दे पर आती है। लेकिन इससे ज्यादा जरूरी है कि हम दोनों की चाहत एक दूसरे के लिए बनी हुई है। वह बताती हैं कि शादी एक ऐसा रिश्ता है जिसे समझने और सहेजने की जरूरत होती है। हम एक दूसरे के साथ रहने के लिए हजारों मील का सफर करते हैं। पिछले साल शादी की सालगिरह पर संजय चाहते थे कि हम दोनों साथ रहें। मेरी फिल्म राजकहिनी की शूटिंग भी शुरू ही होने वाली थी। तो हम दोनों ने बीच में मिलने का फैसला किया। मैं कोलकाता से और संजय सिंगापुर से चले और हम बैंंकॉक में मिले।

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