इस फिल्म की कहानी 20 साल पहले, कर्नाटक में एक फॉरेस्ट ऑफिसर और आदिवासी क्षेत्र के लोगों के बीच हुए विवाद से प्रेरित है
निर्देशक-एक्टर ऋषभ शेट्टी की 'कांतारा' को साउथ के साथ ही हिंदी भाषी मार्केट में भी सफलता मिली है। फिल्म हिंदी मार्केट में अब तक 63 करोड़ रुपए से ज्यादा का बिजनेस कर चुकी है, जबकि ओवरआल यह फिल्म 305करोड़ से ज्यादा की कमाई कर चुकी है। 16 करोड़ रुपए में बनी इस फिल्म ने समीक्षकों के साथ दर्शकों को भी प्रभावित किया है। फिल्म बनाने की प्रेरणा और इसकी सफलता के बारे में 'पत्रिका' ने मुंबई में खासतौर से ऋषभ से बात की।
इस फिल्म की कहानी 20 साल पहले, कर्नाटक में एक फॉरेस्ट ऑफिसर और आदिवासी क्षेत्र के लोगों के बीच हुए विवाद से प्रेरित है। मुझे इस कहानी में प्रकृति बनाम मनुष्य का संघर्ष नजर आया, जिसने मेरे दिल को गहराई से छुआ। इसी घटना से प्रेरित होकर मुझे 'कांतारा' को बनाने का विचार आया था।
इस फिल्म में दिखाए सभी रीति-रिवाज, संस्कृति और किरदार मैं बचपन से अपने गांव में देखता आ रहा हूं। शिवा का किरदार मैंने अपने लिए ही लिखा था, क्योंकि मैं किसी बड़े एक्टर को लेकर बतौर निर्देशक अपने ऊपर उसके स्टारडम का बोझ नहीं डालना चाहता था। इसलिए इस रोल को खुद ही करने का सोचा। कुछ लोगों के अलावा, इस फिल्म में ज्यादातर न्यूकमर्स ही हैं।फिल्म को इतनी बड़ी सफलता मिलेगी, सच कहूं, तो मैंने कभी सोचा नहीं था। कर्नाटक में जब लोगों ने इसे पसंद किया, तो हमें लगा कि इसे दूसरे क्षेत्रों में भी रिलीज किया जाना चाहिए। रही बात इस फिल्म के क्लाइमैक्स और सीक्वल की संभावना की तो मैं यहीं कहूंगा, 'नो कमेंट्स।' दक्षिण सिनेमा और बॉलीवुड फिल्मों के बीच का बंधन अब टूट चुका है। कोविड और ओटीटी ने इसमें भूमिका निभाई है। नए platforms के आने से अब दर्शकों का थॉट प्रोसेस भी बदल रहा है।