पार्थिव शरीर जैसे ही जवान के गांव ताजपुर अद्दा में पहुंचा तो परिजनों के सब्र का बांध टूट गया।
सिक्किम में शहीद लांस नायक भूपेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर आज उनके गांव पहुंचा। पार्थिव शरीर जैसे ही पैतृक गांव ताजपुर अद्दा में पहुंचा तो परिजनों के सब्र का बांध टूट गया। पत्नी, बहनों और मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
जवान के ताबूत से लिपटकर पत्नी और बहनें इस तरह से रोईं कि हजारों की भीड़ भी अपने आंसू ना रोक सकी। ना सिर्फ ताजपुर बल्कि आसपास के भी कई गांवों से लोग भूपेंद्र को अंतिम विदाई देने पहुंचे।
शहीद भूपेंद्र के पिता सुरेंद्र सिंह और बाबा वैजनाथ भी सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। 2017 में भूपेंद्र की शादी हुई थी। उनकी एक पुत्री है।
शुक्रवार को सिक्किम में ये हादसा हुआ था। जहां सेना के ट्रक में सवार होकर टुकड़ी अपने गंतव्य तक जा रही थी। तभी एक काफी जटिल रास्ता होने के चलते ट्रक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। ट्रक में भूपेंद्र सिंह भी सवार थे और उनकी जान चली गई।