
Akhilesh Yadav and Lion Manan File Photo
उत्तर प्रदेश के इटावा सफारी पार्क के गॉड फादर कैंसर सक्रमित मनन शेर की आज शाम मौत हो गई। मनन की काफी दिनो से हालात खराब थी। 7 जून को मनन को कैंसर सक्रमित होने की पुष्टि की गई थी। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मनन की मौत पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिरकार समुचित उपचार और देखभाल के अभाव मे शेर मनन मर गया। इटावा सफारी पार्क के उपनिदेशक अरूण कुमार सिंह ने मनन शेर की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि आज शाम 4 बजकर 45 मिनट के आसपास कैंसर संक्रमित मनन शेर की मौत हो गई है। सफारी प्रबंधन मनन शेर की मौत से बेहद दुखी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मनन शेर के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने के लिए सफारी प्रबंधन और राज्य की योगी सरकार से अनुरोध भी किया था लेकिन इलाज शुरू हो उससे पहले मनन की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि काफी दिनों से बीमार चल रहे मनन शेर को कीपरो के माध्यम से हैंड फीडिंग कराई जा रही थी लेकिन रविवार शाम मनन ने दम तोड़ दिया।
2014 में गुजरात से इटावा लाया गया था मनन
7 जून को बब्बर शेर मनन का सैंपल जांच के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली भेजा गया था। जिसकी रिपोर्ट में बब्बर शेर मनन को स्किन कैंसर की पुष्टि की गई थी। जिसके ठीक होने की संभावनाए न के बराबर जताई गई थी। मनन को 11 अप्रैल, 2014 को गुजरात से इटावा लाया गया था। वर्ष 2018 में मनन के शरीर पर एक गांठ देखी गई थी। इसे लेकर उसकी गांठ की जांच जनवरी 2018 में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली में कराई गई थी। इसकी रिपोर्ट भी आ गई थी जिसमें बीमारी बताते हुए आपरेशन के लिए सक्षम स्तर से निर्णय लिए जाने की बात कही गई थी। सिंह ने बताया कि उसके बाद से कोविड का प्रकोप हो जाने के कारण आपरेशन नहीं हो सका। अब इस गांठ वाले भाग में कुछ बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही मनन को स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याएं भी होने लगी हैं। 7 जून को कैंसर की पुष्टि होने के बाद मनन के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही थी जिस कारण सफारी परिवार चिंतित बना हुआ था।
पिता वीर और मां मयूरी के सन्तान मनन का जन्म 18 फरवरी, 2008 को सक्करबाग प्राणि उद्यान, जूनागढ़ (गुजरात) में हुआ था। इटावा में एशियाई बब्बर शेर प्रजनन केंद्र की स्थापना के निर्णयोपरान्त मनन को जूनागढ़ से 11 अप्रैल, 2014 को इटावा लाया गया था। यहा लाये जाने के बाद जैसिका नामक शेरनी से इसका मिलन 21 जून 2016 से 23 जून 2016 तक हुआ और जैसिका ने गर्भधारण कर 5 अक्टूबर 2016 को दो नर शावको को जन्म दिया, जो बाद में चलकर सिम्बा-सुल्तान के नाम से जाने गये।
जेसिका से हुआ था मिलन
मनन ने जेसिका के माध्यम से 15 जनवरी, 2018 को बाहुबली 26 जून 2019 को भरत, रूपा एवं सोना, 15 अप्रैल 2020 को जेनिफर के माध्यम से केसरी व 12 दिसम्बर 2020 को जेसिका के माध्यम से नीरजा एवं गार्गी नामक शावकों के प्रजनन में अपना अपूर्व योगदान दिया है।
Published on:
14 Jun 2022 12:32 am

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