उत्तर प्रदेश के कानपुर मंडल के जिलों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर में नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के हवाले से बताया है कि भूकंप का केंद्र बिंदु नेपाल में था।
कानपुर और उसके आसपास के जिलों में भूकंप के झटके का एहसास हुआ। लेकिन इसका समय काफी कम रहा। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार भूकंप का केंद्र नेपाल में था। जिसकी तीव्रता 6.4 नापी गई है। कानपुर मंडल के सभी जिलों में इसका असर दिखाई पड़ा। चंद्रशेखर आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर सुनील पांडे के अनुसार भूकंप का केंद्र नेपाल में 10 किलोमीटर की गहराई में था। इसके साथ ही उन्होंने क्या करना है, क्या नहीं करना है के विषय में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने 'एक्स' पर पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी है।
कानपुर और लखनऊ मंडल के भूकंप के झटके महसूस किए गए। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार कानपुर मंडल के कानपुर देहात, औरैया, इटावा, कन्नौज, फर्रुखाबाद, उन्नाव सहित संपूर्ण उत्तर भारत में इसका असर दिखाई पड़ा। भूकंप का केंद्र बिंदु नेपाल में 10 किलोमीटर की गहराई पर था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.4 नापी गई है। फिलहाल कानपुर मंडल के जिलों से कहीं से कोई नुकसान की खबर नहीं है।
क्या करना है?
कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि भूकंप के दौरान जितना हो सके उतना सुरक्षित रहे। धीमे-धीमे कदमों से टहले और किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाए। भूकंप के झटके रुकने के बाद घर में तब तक रुके जब तक आपको याद सुनिश्चित न हो जाए कि बाहर निकाला सुरक्षित है। घर के अंदर किसी मजबूत फर्नीचर को पकड़ कर बैठ जाए। अपने सर को सुरक्षित रखें। बिल्डिंग के किसी कोने में भी झुक कर बैठना सुरक्षित रहेगा।
क्या ना करें?
ऐसी चीजों के नीचे, आसपास खड़े नहीं होना चाहिए। जिसके टूट कर गिरने की संभावना हो। शीशे की खिड़की, दरवाजा, दीवारों से दूर रहे। घर के बाहर पेड़, स्ट्रीट लाइट, बिजली, टेलीफोन आदि के तारों और खंबे से दूर रहे। खुले स्थानों पर तब तक रहे जब तक भूकंप के झटके रुक नहीं जाते हैं। भूकंप में सबसे ज्यादा खतरा बिल्डिंग के बाहर, निकास द्वारा और बाहरी दीवारों के आसपास होता है। इसलिए इसे दूर रहा है।