
फोटो सोर्स- पत्रिका
Notice to Etawah Mazar: इटावा के फिशर वन ब्लॉक में पुरानी मजार को क्षेत्रीय वन अधिकारी बढ़पुरा ने नोटिस जारी किया है। जिसमें बताया गया है कि तय सीमा के अंदर मजार की भूमि के कागजात उपलब्ध कराए जाएं, नहीं तो आपके ऊपर कार्रवाई करते हुए अवैध मजार को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। नोटिस मिलने के बाद मजार संचालकों में हड़कंप मच गया है। उनका कहना है कि यह मजार काफी पुरानी है और यहां पर बड़ी संख्या में लोग आते हैं। जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर संचालक और ग्रामीणों ने मजार बचाने की मांग की है। वन विभाग की तरफ से मजार के आसपास बड़े-बड़े गड्ढे कर दिए गए हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है।
उत्तर प्रदेश के इटावा के बढ़पुरा क्षेत्रीय वन अधिकारी ने फजल इलाही को पत्र भेज कर एक नोटिस भेजा है। जिसमें उन्होंने बताया है कि आइजीआरएस पर मिली शिकायत पर जांच की गई तो फिशर वन ब्लॉक में एक बहुत पुरानी मजार बनी पाई गई। पूछताछ से पता चला कि फाजिल इलाही पुत्र करीम बक्स मजार की देखभाल करते हैं, जिससे मोबाइल पर संपर्क करके मजार के कागजात उपलब्ध कराने को कहा गया है।
वन विभाग से जारी की गई नोटिस में बताया गया कि 22 जनवरी तक जमीन के कागजात साथ उपलब्ध करा दिए जाएं। नोटिस में बताया गया है कि यदि जमीन के कागज उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं तो आपके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही वन भूमि पर बनी अवैध मजार को गिरा दिया जाएगा।
मोहम्मद गुलशेर ने बताया कि बेहढ़ वाले सैयद बाबा की मजार पर सैकड़ो साल से उर्स का आयोजन किया जा रहा है। वन विभाग वालों ने बड़े-बड़े गड्ढे कर दिए हैं जिससे कि मजार तक लोग पहुंच नहीं पा रहे हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर मजार को बचाने की मांग की है। जिलाधिकारी ने जांच कराने का आश्वासन दिया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि उर्स की इजाजत देने की भी मांग की गई है। अगर न्याय नहीं मिलता है तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
Published on:
01 Feb 2026 03:48 pm

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