
जबरन लिंग परिवर्तन का दबाव बनाने और विरोध करने पर मारपीट का आरोप, थाने में दी तहरीर (Source: Etawah Police Media Cell)
Etawah Controversy: इटावा जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया जब कुछ डांसर युवकों ने एक किन्नर समूह पर गंभीर आरोप लगाए। युवकों का आरोप है कि किन्नर समूह ने उन पर जबरन किन्नर बनने और लिंग परिवर्तन कराने का दबाव बनाया। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट भी की गई। पीड़ित युवकों ने मामले को लेकर पुलिस को लिखित तहरीर दी है और कार्रवाई की मांग की है।
यह मामला Etawah के Civil Lines Police Station, Etawah क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां हाल ही में एक भागवत कथा कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए थे और मनोरंजन के लिए डांस कार्यक्रम भी रखा गया था।
पीड़ित युवकों के अनुसार, वे कार्यक्रम में डांस प्रस्तुति देने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद एक किन्नर समूह से उनका विवाद हो गया। युवकों का आरोप है कि किन्नर समूह की अगुवाई करने वाली Nandini Pandey और उनके कुछ साथियों ने उन पर दबाव बनाया कि वे किन्नर समुदाय में शामिल हो जाएं और लिंग परिवर्तन करा लें। युवकों का कहना है कि उन्होंने इस बात का विरोध किया, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि इसी दौरान किन्नर समूह के कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्रता की और मारपीट भी की।
पीड़ित युवकों ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि किन्नर समूह द्वारा उन्हें जबरन किन्नर बनाने की कोशिश की जा रही थी। उनका कहना है कि उन पर बार-बार दबाव बनाया गया और मना करने पर उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया गया। युवकों का कहना है कि इस घटना से वे बेहद आहत और भयभीत हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते हस्तक्षेप न होता तो मामला और गंभीर हो सकता था।
घटना के बाद पीड़ित युवक सीधे Civil Lines Police Station, Etawah पहुंचे और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। तहरीर में उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस को दी गई शिकायत में युवकों ने कहा है कि धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उनके साथ हुई इस घटना ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर दिया है और वे न्याय की उम्मीद लेकर पुलिस के पास पहुंचे हैं।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
यह घटना सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक कार्यक्रम के दौरान इस तरह का विवाद होना दुर्भाग्यपूर्ण है। कई लोगों ने यह भी कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में व्यवस्था और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। कुछ लोगों का मानना है कि विवाद आपसी कहासुनी से भी शुरू हो सकता है, इसलिए मामले की पूरी जांच के बाद ही सही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं, इसलिए आयोजकों को सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने चाहिए। इससे किसी भी तरह के विवाद या अप्रिय घटना को रोका जा सकता है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच जारी है और पीड़ित पक्ष कार्रवाई की उम्मीद कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आरोप कितने सही हैं और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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Published on:
09 Mar 2026 09:13 am
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