
"अर्जुन" की तरह जीवट वाला है पर्वतारोही अर्जुन बाजपेयी का "लक्ष्य"
इटावा. जोखिम उठाने वाले ही अपनी मंजिल पाते हैं। यह बात इटावा के युवा पर्वतारोही अर्जुन बाजपेयी पर सटीक बैठती हैं। 20 मई, 2018 की सुबह यानी भारतीय समयानुसार सुबह 8 बजकर 5 मिनट पर जैसे ही उन्होंने कंचनजंघा 8586 मीटर की चोटी पर कदम रखा, एक और विश्व कीर्तिमान उनके नाम हो गया। वह दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंघा फतह करने वाले दुनिया के सबसे युवा पर्वतारोही बन गए। यह कामयाबी इसलिए भी बहुत मायने रखती है क्योंकि इसके साथ ही वे दुनिया की आठ हजार से अधिक ऊंचाई वाली चोटियों को फतह करने वाले दुनिया के सबसे युवा पर्वतारोही भी बन गए हैं।
ये होगा अर्जुन का अगला मिशन
मूलरूप से उत्तर प्रदेश के इटावा में जन्मे अर्जुन का अब अगला लक्ष्य ‘शिश्मा पंग्मा’ है। यह दुनिया की चौदहवीं सबसे ऊंची चोटी 8,027 मीटर है। अर्जुन मिशन के लिए 10 से 12 घंटा प्रतिदिन मेहनत करते हैं। कुछ दिनों बाद ही वे अगले मिशन के लिए जुट जाएंगे और इसी साल के सितंबर माह में इस पर फतह करने की कोशिश करेंगे।
विश्व के बड़े पर्वतों की उच्चतम चोटियों को नापने का दम रखने वाले अर्जुन इसी वर्ष 20 मई को दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंघा (8586 मीटर) पर भी तिरंगा फहराया। ऐसा करने वाले वे दुनिया के सबसे युवा पर्वतारोही बन गए। यही नहीं, इसी वर्ष के सितंबर माह में उन्होंने अपना अगला लक्ष्य दुनिया की 14वीं सबसे ऊंची चोटी ‘शिश्मा पंग्मा’ पर पहुंचने का निर्धारित किया है। इससे पहले अर्जुन ने सबसे ऊंची चोटी 2010 में माउंट एवरेस्ट(सागरमाथा) (8848 मीटर), 2011 माउंट ल्होत्से (8516 मीटर), 2011 माउंट मनास्लू (8163 मीटर), आठवीं सबसे ऊंची चोटी 2012 माउंट चोय (8201 मीटर) व दुनिया की छठी ऊंची चोटी 2016 माउंट मकालू (8485 मीटर) पर भी ‘तिरंगा’ फहरा चुके हैं।
कढ़ी-चावल है सबसे अधिक पसंद
अर्जुन ने मैसेज करके इटावा के अपने साथी आकाशदीप जैन को बताया कि उसने कंचनजंघा तो फतह कर लिया अब फिलहाल तो वह थोड़ा आराम करके जल्द से जल्द घर पहुंचना चाहते हैं। अपनी मां से मिलने की बड़ी इच्छा है उनकी उनके हाथों का खाना खाने की चाहत है। कढ़ी-चावल बहुत पसंद है।
24 वर्षीय अर्जुन बाजपेयी का जन्म शहर के लालपुरा मोहल्ले में हुआ था। अर्जुन स्वर्गीय श्याम स्वरूप बाजपेयी के पौत्र हैं। अर्जुन के पिता संजीव बाजपेयी भारतीय सेना में कैप्टन थे एवं पूर्व सांसद श्रीशंकर तिवारी के भांजे हैं। अर्जुन के पिता इस समय नोएडा में निवासरत है।
ऋतिक भी कर चुके हैं तारीफ
अर्जुन की सफलता पर फिल्म स्टार ऋ तिक रोशन कह चुके हैं कि अर्जुन की यह कहानी असाधारण है। उनका साधारण चीजों से आगे निकलने के बेजोड़ उत्साह और इच्छा ने उन्हें इस असाधारण सफलता हासिल करने में मदद की। उन्हें पूरा भरोसा है कि वह आने वाली पीढिय़ों को प्रेरित करेंगे और खुद वह एक अभियान के लिए स्क्रीन पर उनकी भूमिका निभाकर सम्मानित महसूस होने का एहसास कर रहे हैं।
Published on:
27 May 2018 05:28 pm

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