
Traffic Between Etawah to Madhya Pradesh no longer easy vehicles banned
मरम्मत के लिए चंबल पुल पर भारी वाहनों को बंद कर दिए जाने के बाद अब सहसों चकरनगर से उदी आने वाले मार्ग पर भी भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। इसके चलते अब भारी वाहनों का इटावा से मध्य प्रदेश आना जाना आसान नहीं रहा है और इसके लिए उन्हें काफी लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा।
चंबल पुल की मरम्मत के कारण इस पुल से वाहनों की भारी वाहनों के आवागमन को 27 जून से बंद कर दिया गया था। तब से इस मार्ग से भारी वाहनों का आवागमन बंद है। चंबल पुल बंद हो जाने के बाद फूप, सहसों, चकरनगर से उदी होकर इटावा की ओर यह भारी बाहर आते रहे लेकिन भारी वाहनों की अधिक संख्या के कारण यह मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके साथ ही इस मार्ग के किलोमीटर 28 पर जो पुलिया बनी थी वह भी क्षतिग्रस्त हो गई है।
ऐसे में दुर्घटना की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस मार्ग से भारी वाहनों के आवागमन पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है। अब मध्यप्रदेश से आने वाले भारी वाहन भिंड से जालौन या फिर भिंड से शिकोहाबाद होते हुए निकलेंगे। इस मार्ग के बंद हो जाने से भारी वाहनों के आने जाने में काफी कठिनाई होगी और उन्हें काफी लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा।
इटावा को मध्य प्रदेश से जोड़ने वाले चंबल नदी पर बने पुल की मरम्मत कराई जानी है। इसके लिए 27 जून से इस मार्ग से भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया था लेकिन स्थिति यह है कि अभी तक पुल की मरम्मत का काम ढर्रे पर नहीं आ पाया है। पुल की रेलिंग की हल्की फुल्की मरम्मत ही हो पाई है जबकि जो मुख्य कार्य है वह अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। पुल का कार्य करने वाली कंपनी के इंजीनियर ने एक बार कहा था कि आवागमन पूरी तरह बंद होने के बाद ही काम में तेजी आएगी और आवागमन अभी तक पूरी तरह से बंद नहीं हुआ है। हल्के वाहन निकल रहे हैं अब ऐसा माना जा रहा है कि 15 जुलाई के बाद ही पुल की मरम्मत का काम शुरू हो पाएगा।
Updated on:
10 Jul 2022 07:08 pm
Published on:
10 Jul 2022 07:06 pm
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