
पर्चियां बना कर 8-9 घण्टे पढ़ते थे धनंजय, कुछ इस स्ट्रटेजी से पढ़ाई कर पास की सिविल सेवा परीक्षा
इटावा. देश की सर्वाेच्च सिविल सेवा परीक्षा (आईएएस) 2018 में 95 वीं रैंक प्राप्त कर इटावा के धनंजय सिंह यादव ने नाम रोशन किया है। सबसे हैरत की बात यह है कि आज के परिवेश मे जहां कोचिंग को आईएएस जैसी परीक्षा के लिए जमीनी आधार बनाया जाता है वहीं धनंजय ने इंटरनेट को इसका माध्यम बनाया। इंटरनेट पर खुद ही अधिक से अधिक जानकारियां जुटाईं औऱ आईएएस परीक्षा में शामिल होने के लायक बनाया।
8 से 9 घण्टे करते थे पढ़ाई
धनंजय की इस कामयाबी पर परिवार और इटावावासी फूले नहीं समा रहे हैं। खुद धनंजय ने अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने पिता माता के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों को दिया है। अपने बेटे की इस कामयाबी पर शिक्षिका मां विमलेश कुमारी परिवारीजनों के अलावा नाते रिश्तेदारों और करीबियों को मिठाईयां खिलाने में जुटी हुई दिख रही हैं।24 अगस्त 1993 को इटावा में जन्मे धनंजय ने प्राथमिक शिक्षा इटावा के सेंटमैरी इंटर कालेज, हाईस्कूल डीपीएस नोएडा व इंटरमीडिएट की शिक्षा आर.एन.पोद्दार कॉलेज मुम्बई से व बीकॉम नई दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स नई दिल्ली से प्राप्त की। शिक्षा में मेधावी होने के साथ ही कॉलेज स्तर पर पाठ्य सहगामी कार्यक्रमों में अभूतपूर्व प्रदर्शन किया। धनंजय ने सभी छात्रों को प्रेरणा देते हुए कहा कि अगर छात्र 8 से 9 घण्टे का समय देकर अपनी पूर्ण लगन के साथ परिश्रम कर पढ़ाई करें, तो निश्चित ही उसे सफलता प्राप्त होगी। देश के सर्वाेच्च सिविल सेवा (आईएएस) में स्थान प्राप्त कर अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का श्रोत बने हैं। धनंजय ने अपनी सफलता का मुख्य श्रेय अपने माता पिता को दिया है, साथ ही परिवारीजनों के साथ अपने इष्टमित्रों को भी श्रेय दिया है।
छोटी छोटी पर्चियां बनाकर करते थे पढ़ाई
धनंजय सिंह यादव मूलरूप से इटावा के फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र के निवासी हैं। धनंजय के पिता सुरेंद्र सिंह यादव उपमहानिदेशक के पद से सेवानिवृत हैं। वह दीपघर दीपपोत विभाग में कार्यरत रहे व उनकी माता विमलेश कुमारी साधारण स्वभाव की महिला हैं व जसवंतनगर में राजकीय बालिका इंटर कालेज में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं।धनंजय की मां विमलेश कुमारी का कहना है कि धनंजय ने अपने बलबूते पर अपने किसी करीबी को रोल मॉडल बना कर इंटरनेट के माध्यम से जानकारियां हासिल कर आईएएस जैसी परीक्षा में कामयाबी हासिल की है। उन्होंने बताया कि नोटबुक बनाने के बजाय वो छोटी छोटी पर्चिंयों को बना कर अपने कमरे में सारी दीवारों में चिपका रखी हैं। परीक्षा के बाद जब यह कहा गया कि अब इसको खत्म कर दो जिस पर धनंजय ने साफ साफ कहा कि एक फीसदी शायद नंबर नहीं आये इसलिए अभी रहने दो। धनंजय के मौसा इटावा काग्रेंस पार्टी के अध्यक्ष उदयभान सिंह यादव ने इस कामयाबी पर खुशी जताते हुए कहा कि यह उपलब्धि इटावा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है ।
Published on:
08 Apr 2019 11:57 am

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