इटावा

विश्व पर्यावरण दिवस : यहां महीने के हर रविवार को लगाया जाता है पेड़, घर-घर बांटी जाती है तुलसी

- विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हेतु पूरे विश्व में मनाया जाता है। - इस दिवस को मनाने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र ने पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक जागृति लाने हेतु वर्ष 1972 में की थी। - इसे 5 जून से 16 जून तक संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण सम्मेलन में चर्चा के बाद शुरू किया गया था। - 5 जून 1974 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया।

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Jun 04, 2019
विश्व पर्यावरण दिवस : यहां महीने के हर रविवार को लगाया जाता है पेड़, घर-घर बांटी जाती है तुलसी

इटावा. विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हेतु पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र ने पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक जागृति लाने हेतु वर्ष 1972 में की थी। इसे 5 जून से 16 जून तक संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण सम्मेलन में चर्चा के बाद शुरू किया गया था। 5 जून 1974 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। पर्यावरण दिवस मौके पर इटावा के स्वामी विवेकानंद सेवा संस्थान के अध्यक्ष संजय सक्सेना ने बताया कि 12 जनवरी 2008 को स्थापित उनकी संस्था पेड़ों को लगाने की दिशा में सक्रिय भूमिका अदा कर रही है। संस्था के पदाधिकारी माह के हर रविवार एकजुट होकर पेड़ो को लगाने का काम करते हैं।

पेड़ों को लगाने का असली काम 22 अप्रैल 2008 को पृथ्वी दिवस के मौके पर चंबल नदी के किनारे स्थापित स्वामी शरणानंद महाराज के आश्रम से शुरू किया गया था तब से लगातार पेड़ों को लगाने की दिशा में काम करने में संस्था के पदाधिकारी लगे हुए हैं। एक अनुमान के अनुसार अब तक कम से कम 7 हजार के आसपास पेड़ों को लगाने का काम किया जा चुका है। यह पेड़ अधिकाधिक स्कूलों या फिर बाग आदि में ही लगाया गया है। सामान्यता फलदार और छायादार पेड़ो को लगाने का काम ही किया गया है। आम, नीम, पीपल के अलाव बरगद के पेड़ो को ही लगाया गया है। घर घर में जाकर तुलसी का पेड़ भी बांटा गया है।

स्वामी विवेकानंद सेवा संस्थान के अध्यक्ष संजय सक्सैना कह कहना है कि 12 जनवरी 2008 को स्थापित उनकी संस्था पेड़ों को लगाने की दिशा में सक्रिय भूमिका अदा करने में लगी हुई है। संस्था के पदाधिकारी माह के प्रति रविवार एकजुट होकर पेड़ों को लगाने का काम करते हैं। 22 अप्रैल 2008 को पृथ्वी दिवस के मौके पर चंबल नदी के किनारे स्थापित स्वामी शरणानंद महाराज के आश्रम से शुरू किया गया था तब से लगातार पेड़ों को लगाने की दिशा मे काम करने मे संस्था के पदाधिकारी लगे हुए हैं।

Published on:
04 Jun 2019 01:01 pm
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