11 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दुश्मनी भुलाकर दोस्ती के लिए आगे बढ़े अमरीका और रूस, प्रतिनिधिमंडल ने की रूसी सांसदों से मुलाकात

अमरीका और रूस के रिश्ते आने वाले दिनों में सामान्य हो सकते हैं। इसके लिए दोनों देशों ने प्रयास शुरू कर दिए हैं।
2 min read
Google source verification
American senator

दुश्मनी भुलाकर दोस्ती के लिए आगे बढ़े अमरीका और रूस, प्रतिनिधिमंडल ने की रूसी सांसदों से मुलाकात

मॉस्को। रूस और अमरीका के बीच तनाव कम करने को लेकर दोनों देशों ने एक कदम और बढ़ा दिया है। रूसी सांसदों के साथ बातचीत करने के लिए अमरीकी सीनेटर रूस पहुंच गए हैं। अमरीका के रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल ने कहा कि रूस की उनकी यात्रा का मुख्य उद्देशय दोनों देशों के सांसदों के बीच संवाद स्थापित करना और इसे बढ़ाना है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी संसद के उच्च सदन फेडरेशन काउंसिल की एक प्रेस विज्ञप्ति में सोमवार को पॉल के हवाले से कहा गया, "हमारी रूसी फेडरेशन के साथ सहयोग में रुचि है, विशेषकर वैधानिक समितियों में क्योंकि हमारे सामने समान चुनौतियां और समान कार्य हैं।" पॉल अमरीकी प्रतिनिधिमंडल की अध्यक्षता कर रहे हैं, जिसमें टेक्सास राज्य के सीनेटर डॉन हुफिनेस और सार्वजनिक नीति अनुसंधान संगठन कैटो संस्थान के प्रतिनिधि शामिल हैं।

रूसी नेताओं से मिली अमरीकी सीनेटर
प्रतिनिधिमंडल ने फेडरेशन काउंसिल के अंतरराष्ट्रीय मामलों की समिति के अध्यक्ष कॉन्स्टेंटिन कोसाचेव और फेडरेशन काउंसिल के उपाध्यक्ष व्लादिमीर लुकिन से मुलाकात की। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, पक्षों ने रूस-अमरीका संबंधों और अंतर-संसदीय संबंधों की संभावनाओं पर चर्चा की। कोसाचेव ने कहा कि यह यात्रा विशेष रूप से मूल्यवान है क्योंकि कुछ अमरीकी प्रतिनिधि रूसी राजनेताओं के साथ सभी संपर्कों को गलत तरीके से पेश करने का प्रयास कर रहे हैं।

16 जुलाई को पुतिन से मिले थे ट्रंप
तमाम विवादों के बीच अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 16 जुलाई को फिनलैंड में रूसी राष्ट्रपति राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया था। बैठक के बाद ट्रंप ने कहा था कि राष्ट्रपति चुनाव में रूस की तरफ से कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया था। ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव में रूस के कथित हस्तक्षेप की जांच को अमरीका के लिए त्रासदी बताया था। उन्होंने कहा कि साल 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में उन्हें जीत इसलिए मिली कि जनता ने उनको पसंद किया।