
Secondary Education Board appeals to parents and schools to prevent duplication
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) के एग्जाम 7 मार्च से शुरू हो रहे हैं। इन एग्जाम्स के लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने नकल रोकने के लिए कई नए इंतजाम किए हैं। साथ ही परीक्षकों के लिए भी नए दिशा निर्देश जारी किए हैं। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 7 मार्च से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा के दौरान केन्द्राधीक्षकों के एंड्राइड फोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। अब केन्द्राधीक्षकों को की-पैड यानी फीचर मोबाइल फोन लाने होंगे। जिससे वे जरूरी सूचनाएं परीक्षा के दौरान कंट्रोल रूम को भेजेंगे।
बोर्ड के इस निर्देश के बाद केन्द्राधीक्षक दुविधा में हैं। दरअसल आज के दौर में जब अधिकांशत: सभी के पास एंड्राइड फोन होते हैं तो अब उन्हें फीचर फोन का इंतजाम करना पड़ रहा है। ऐसे में केन्द्राधीक्षक अपने जान-पहचान वालों से की-पैड मोबाइल फोन उधार मांगने को मजबूर हो रहे हैं। बोर्ड की ओर से यह कदम नकल में तेजी से व्हाट्सअप के हो रहे इस्तेमाल से बचने को उठाया है। दरअसल कई चयन बोर्ड की परीक्षाओं के दौरान एंड्राइड फोन से प्रश्नपत्र के फोटो खींच वायरल करने के मामले सामने आए थे। जिसको देखते हुए बोर्ड ने इस बार यह सावचेती बरती है।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान बोर्ड की सीनियर सैकण्डरी परीक्षाएं 7 मार्च को प्रारम्भ होकर 2 अप्रैल को समाप्त होगी और सैकण्डरी परीक्षाएं 14 मार्च को प्रारम्भ होकर 28 मार्च को समाप्त होगी। परीक्षा में बढ़ती नकल की प्रवृत्ति को रोकने के लिए पहले भी शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने बोर्ड अधिकारियों को सलाह दी थी कि निकट भविष्य में सभी परीक्षा केन्द्रो को सीसीटीवी कैमरे और वीडियोग्राफी की जद में रखा जाएं। उन्होंने कहा था कि निजी विद्यालयों के परीक्षा केन्द्रों को विद्यालय स्तर पर सीसीटीवी कैमरे के संसाधन जुटाकर परीक्षा के दौरान सीधा बोर्ड के परीक्षा नियन्त्रण कक्ष से जोड़ा जाएं। इससे परीक्षा में होने वाली किसी भी धांधली को रोका जा सकेगा।
Published on:
04 Mar 2019 12:32 pm
बड़ी खबरें
View Allपरीक्षा
शिक्षा
ट्रेंडिंग
