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जिलाध्यक्ष पद के लिए जूझ रहे कांग्रेसी

अजमेर संभाग की पाॅलिटिकल डायरी

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Feb 11, 2023
जिलाध्यक्ष पद के लिए जूझ रहे कांग्रेसी

अजमेर जिले के कांग्रेसियों की हालत बड़ी अजीबोगरीब है। पार्टी में प्रदेश स्तर पर चल रही गुटबाजी के कारण जिले को अभी तक जिला शहर एवं देहात अध्यक्ष नसीब नहीं हो पाया है। यूं तो जिले के कांग्रेस कार्यकर्ता निष्क्रिय ही रहते हैं, लेकिन हाईकमान के आदेश से जब भी किसी प्रदर्शन की घोषणा होती है तो सभी गुट 'अपनी डफली अपना राग अलापने' में कोई कसर नहीं छोड़ते। भारतीय जीवन बीमा निगम और भारतीय स्टेट बैंक के उद्योगपति गौतम अडाणी की कम्पनियों में किए गए निवेश के विरोध में पिछले दिनों कांग्रेस को प्रदर्शन करना था। कार्यकर्ताओं को गांधी भवन पर एकत्र होकर एलआईसी भवन तक जाना था। पिछले छह माह से अजमेर में सक्रिय नजर आ रहे आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौड़ और केकड़ी विधायक रघु शर्मा तो तय स्थान पर पहुंच गए। दूसरी ओर अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी अपने समर्थकों के साथ जिला कलक्ट्रेट पर धरने पर बैठ गए। बाद में राठौड़ और शर्मा को भी मजबूरन वहीं आना पड़ा।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के मुख्य सिपहसालार धर्मेंद्र राठौड़ की निगाह अजमेर उत्तर तथा पुष्कर विधानसभा सीट पर लगी हुई है। चुनावी प्रयास के मद्देनजर ही वह दोनों स्थानों पर अपने ब्लॉक अध्यक्ष बनाने के प्रयास में लगे हुए हैं। बदले बदले से नजर आ रहे रघु शर्मा शक्ति प्रताप सिंह को जिले की कमान दिलाने के लिए जूझ रहे हैं। सचिन पायलट वफादारी के इनाम के रूप में संग्राम सिंह को देहात अध्यक्ष बनाने के जुगाड़ में हैं। उनके सामने रामचन्द्र चौधरी ने परोक्ष रूप से दावेदारी जताई हुई है। सभी गुट पार्टी स्तर पर भाग दौड़ तो खूब कर रहे हैं लेकिन पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष गोविंन्द सिंह डोटासरा ने फिलहाल उन्हें दौड़ को समाप्त करने का इशारा नहीं किया है। कुछ तो दौड़ लगाकर हांफने लगे हैं पर डोटासरा उन्हें 'दम' नहीं भरने दे रहे।

Updated on:
11 Feb 2023 06:54 pm
Published on:
11 Feb 2023 06:53 pm
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