
पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी के निधन पर भावुक हुए अयोध्या के संत
अयोध्या : भारत रत्न व देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई के निधन के बाद पुरे देश में शोक का लहर है तो वहीँ अयोध्या के संतो में भी निराशा छायी हुई है संतो का मानना है कि स्वर्गीय अटल बिहारी का अयोध्या के साथ पुराना सम्बन्ध रहा है. और आज इस देश में बहुत बड़ी छति हुई है. जिसकी पूर्ति होना असंभव है.
अलविदा हुए भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेई
दिल्ली के एम्स अस्पताल में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेई ने अंतिम साँस ली जिसके बाद पूरा देश में लोगो के आँखे उनके द्वारा किये गए पूर्व के कार्यो को निहारती रही वहीँ अयोध्या में संत काफी भावुक दिखे और नम आखों से श्रद्धांजलि देते हुए महंत मनमोहन दास ने बताया कि आज इस देश की बहुत बड़ी छति हुई है जो कि निकट भविष्य कोई पूर्ति नहीं हो सकती है स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेई लौह पुरुष थे
अयोध्या के संतो से रहा बड़ा लगाव
महंत सुरेश दास ने बताया कि स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेई का अयोध्या से बहुत पुराना सम्बन्ध था और महाराज स्वर्गीय परमहंस के शिष्य भी थे बाजपेई जी जब पहली बार देश के प्रधान मंत्री बने या फिर महाराज जी के निधन पर भी उनके अंतिम विदाई पर भी अयोध्या आये थे. लेकिन इस संसार में जो भी आया है उसकी मृत्यु निश्चित है और आज उनका निधन हुआ है. जिसके कारण संतो में काफी निराशा है.
राम मंदिर निर्माण हो सच्ची श्रद्धांजलि
महंत कन्हैया दास ने बताया कि स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेई का देश के प्रति योग दान भारत वर्ष कभी नहीं भूलेगा. आज विदेशो में भी इस देश का पहचान बनाने वालो में भी नाम है देश में जिनका जीवन दाग रहित है ऐसे लोगो का मिल पाना बहुत कम हैं अयोध्या और भगवान राम के प्रति उनका जो लगाव था वह वर्णन करने योग नहीं है. बताया कि 2010 में हाई कोर्ट द्वारा राम जन्मभूमि के सम्बन्ध में जो फैसला आया यह अटल जी का ही देन कहा जाएगा. क्योकि इस स्थान पर पुरातत्व के लोग अगर खोदाई नहीं करते तो मंदिर होने का प्रमाण नहीं मिल पाता. तो कभी मंदिर के पक्ष में फैसला आना संभव नहीं हो पाता. अब स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेई की सच्ची श्रद्धांजलि अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण है जिसाको भाजपा के द्वारा पूरा किया जाना है.
Updated on:
16 Aug 2018 08:05 pm
Published on:
16 Aug 2018 07:47 pm
