आयोजन का उद्देश्य इस पवित्र भूमि के महत्व के बारे में जन जन को बताना है जिससे आम जनमानस महाराज भरत के आदर्शों पर चलने की सीख लें, जिन्होंने अपने बड़े भाई श्री राम की नामौजूदगी में उनकी खडाऊं रखकर अयोध्या का कार्यभार देखा आज के लोगों को भी महाराजा भरत के आदर्शों पर चलने की ज़रुरत है।