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स्वास्थ्य मंत्री ने निलंबित किए क्लर्क और अधिशासी अभियंता,यह था मामला

विज कैथल में जिला कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे...
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फरीदाबाद

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Prateek Saini

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Updated: 10 Aug 2018, 8:22 PM IST

health minister anil vij

health minister anil vij

(चंडीगढ़): हरियाणा के स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को पशुपालन विभाग के क्लर्क संजय को एक मृतक कर्मचारी का वेतन व अन्य भत्ते अपने खाते में जमा करवाने के आरोप में निलंबित कर दिया है तथा मामले की जांच अतिरिक्त उपायुक्त पार्थ गुप्ता को सौंपी है, जो आगामी बैठक में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। इसके अतिरिक्त एक अन्य शिकायत में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजकुमार को निलंबित करने के आदेश दिए।

विज कैथल में जिला कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान विक्रम सिंह चहल ने शिकायत की कि उनके पिता के देहांत के बाद 8 सितंबर 2017 को जुलाई महीने का वेतन कम डाला गया, जिसकी जानकारी आरटीआई से लेने पर पता चला कि क्लर्क संजय ने वह राशि अपने निजी खाते में डाली थी। इसके बाद शिकायत पर संजय ने अपने चैक द्वारा 86 हजार 546 रुपए उसकी मां के खाते में डाले, जो विभाग द्वारा डाले जाने चाहिए थे।


स्वास्थ्य मंत्री ने एक अन्य मामले में लोगों की शिकायत पर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजकुमार को निलंबित करने के आदेश दिए। उन पर गांव खरौदी में नाले के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किए जाने का आरोप था जिस पर स्वास्थ्य मंत्री ने विभाग के अधिशासी अभियंता को कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए थे। इस मामले में अधिशासी अभियंता द्वारा सैंपल लेने के बावजूद जांच के लिए लैब नही भेजे गए थे।


काम में लापरवाही बरतने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने में स्वास्थ्य मंत्री एक्शन मोड में है। गुरूवार को भी उन्होंने दो कर्मचारियों को निलंबित किया था। दरअसल मंत्री की ओर से निलंबित किए गए कर्मचारियों ने आरटीआई अधिनियम के तहत गुरुग्राम के एक व्यक्ति द्वारा मांगी गई सूचना की गलत जानकारी देते हुए कहा था कि वर्ष 2014 के पश्चात हरियाणा में अस्पतालों का कोई नया भवन नहीं बनाया गया। मंत्री ने कहा कि इन कर्मचारियों ने लापरवाही व जानबूझकर इस प्रकार की सूचना दी थी, जिसके कारण विभाग की छवि खराब हुई है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मौजूदा सरकार के दौरान न केवल पिछली सरकार द्वारा स्वीकृत किये गये अस्पतालों के भवनों का निर्माण पूरा करवाया है बल्कि नये भवन भी बनवाए गए है।