फर्रुखाबाद में कोविड-19 संक्रमण के कारण पति की मौत हो गई थी। पत्नी ने स्थानीय गिरजाघर में उनका अंतिम संस्कार कर दिया था। लेकिन वह पति की अस्थियों को गृह राज्य केरल ले जाना चाहती थी। अब सफलता मिली।
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में कोविड-19 संक्रमण काल के दौरान पति की मौत हो गई थी। जो मूलता केरल के रहने वाले थे। मृत्यु के 2 साल बाद भी पत्नी के दिल से पति की यादें नहीं निकल सकी। लगातार पति की अस्थियों को केरल ले जाकर अंतिम संस्कार करने का प्रयास करती रही। अंततः उन्हें सफलता मिली। जब डीएम के आदेश के बाद कब्र से खुदवा कर पति की अस्थियों को अपने कब्जे में लिया।
फर्रुखाबाद के सेंट एंथोनी स्कूल में पढ़ाने वाली टीचर जोली अज्जू ने बताया कि उनके पति पाल की मौत 24 अप्रैल 2021 को हो गई थी। कोरोना की पहली लहर के दौरान उनके पति संक्रमित हो गए थे। लॉकडाउन और अन्य पाबंदियों के कारण वह अपने पति के शव को केरल नहीं ले जा पाई। यहीं गिरजाघर में अंतिम संस्कार किया गया था। जबकि वह कोट्टयम जिले की रहने वाली हैं।
लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन शिक्षा देती थी
लॉकडाउन के समय को याद करते हुए महिला टीचर ने बताया कि 2019 में कोरोना की पहली लहर के दौरान सभी कॉलेज स्कूल बंद हो गए थे। वह ऑनलाइन बच्चों को शिक्षा देती थी। उनके पति भी उनके साथ टीचर थे।
सास की भी यही इच्छा थी
जोली अज्जू ने बताया कि वह 2 साल बाद वह भी रिटायर हो जाएगी। उनकी सास की भी इच्छा थी कि उनके पुत्र की अस्थियों को केरल लाकर अंतिम संस्कार किया जाए। इस संबंध में उन्होंने मजिस्ट्रेट के यहां प्रार्थना पत्र देकर कब्र को खुदवाने की मांग की।
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डीएम के आदेश पर निकाली गई अस्थियां
मामला जिलाधिकारी की अदालत में पहुंचा। डीएम के आदेश के बाद पति की अस्थियों को बाहर निकाला गया। इस मौके पर उप जिलाधिकारी और डिप्टी सीएमओ भी भी मौजूद थे। अस्थियां पाकर पत्नी को सुकून मिला। उन्होंने बताया कि अब अपनी पति की अस्थियों को केरल में धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार करेंगी। एसडीएम ने बताया कि डीएम के आदेश पर हस्तियां निकाली गई है।