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2011 में फ़र्रुखाबाद पुलिस कार्यवाही करती तो नहीं होती रोहणी और द्वारका की घटना ​

बाबा वीरेंद्र देव की जयपुर में 25 लड़कियां पकड़ी गई थी, जिनको नेपाल ले जाया जा रहा था।  

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Farrukhabad

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फर्रुखाबाद. सतयुग में कपिल मुनि ने इसी नगरी कम्पिल में भागीरथी के तट पर अखण्ड साधना की थी। इस पवित्र नगरी में एक निजी स्कूल में शिक्षण करने वाले बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित आध्यात्मिक विश्व विद्यालय खोलकर अध्यात्म ज्ञान के नाम पर युवतियों का शोषण किया है। वह खुद को भगवान शिव का अवतार बताने लगा है, उसने दिल्ली बंगाल, बिहार, नेपाल, उत्तर प्रदेश में दर्जनों आश्रमों का संचालन किया। बाबा के कर्मों का भंडाफोड़ हो गया है।

किसी कबूतर खाने से कम नजर नहीं आ रहा था
6 सितम्बर 2011 को जब फर्रुखाबाद सिक्त्तरबाग आश्रम में छापा पड़ा था उस समय आश्रम के अंदर का जो नजारा था वह किसी कबूतर खाने से कम नजर नहीं आ रहा था। जो कमरे बने हैं उनकी ऊँचाई साढ़े 6 फीट की है। आश्रम के अंदर दवाई से लेकर ब्लैक सीडी से लेकर कंडोम भी बरामद किए गए थे।

इसलिए काठमांडू में खोला अपना आश्रम
बाबा वीरेंद्र देव की जयपुर में 25 लड़कियां पकड़ी गई थी, जिनको नेपाल ले जाया जा रहा था। 2011 में बाबा का कोई आश्रम नेपाल में नहीं था, विदेशों में लड़कियों को भेजने में सुविधा रहे उसके लिए उन्होंने काठमांडू में अपना आश्रम खोल दिया है। जब भी प्रशासन आश्रम में सर्च अभियान चलाए तो तहखाने में बने कमरों के ताले तोड़कर देखा जाए तो आश्रम के जो रहस्य हैं वह बहुत ही अधिक चौकाने वाले होंगे क्योंकि अभी तक जितने छापे पड़े उनके ताले पड़े एक भी कमरा नहीं खोलने दिया गया था।

उसको भी टेस्ट नहीं करने दिया
आश्रम में मौजूद महिलाओं ने उन बन्द कमरों में कबाड़ भरा कहकर ताला नहीं खोलने दिया था। तीसरी मंजिल पर बने रसोई घर में जो खाना था उसको भी टेस्ट नहीं करने दिया था। आश्रम में वशीकरण किया जाता है। दूसरी तरफ एक महीने में आश्रम का खर्चा 2 से तीन लाख आता है। आखिर इतनी बढ़ी रकम कहां से आती है, इसको लेकर जिले के अधिकारियों को बिना सूचना दिए बाहर के फोर्स के साथ कराना चाहिए। नहीं तो बिना लाइसेंस के देश मे दर्जनों आश्रम कैसे चलाये जा रहे हैं। जब कम्पिल से जो महिलाएं डॉक्टरी के लिए लोहिया अस्पताल लाई गई थी, लेकिन परीक्षण नहीं कराया गया। जब सीओ से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इनको सुरक्षित स्थान पर भेजा जा रहा है, आगे अधिकारी जो भी आदेश देंगे बता दिया जायेगा। तो पुलिस को बलात्कारी बाबा का आश्रम ही सुरक्षित स्थान मिला, वहीं पर महिलाओं को वापस भेज दिया गया है।

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