
Dead Cow
फर्रुखाबाद. जिले में तीन दिनों से गणेश भगवान की प्रतिमाओं का विसर्जन जोरों पर चल रहा है। वहीं इसी बीच शहर में किसी कारणवश एक गाय की मौत हो गई जिसे नगरपालिका के कर्मचारियों ने उठाकर गंगा घाट के किनारे, जहाँ पर विसर्जन चल रहा था वहीं फेंक दिया। जब लोगों को उसकी बदबू लगी तो जेसीबी द्वारा उसको मिट्टी में दबा दिया गया। और विसर्जन शुरू करवा दिया गया, लेकिन नगरपालिका ने फिर वहीं गलती दोहरा दी। दूसरी गाय को भी उसी स्थान के पास जाकर फेक दिया। वर्तमान समय में रोजाना लगभग 50 से 60 प्रतिमाएं विसर्जित की जा रही हैं, जिसमें हजारों भक्तों की भीड़ होती है। विसर्जन स्थल पर महिलाओं से लेकर बच्चों, आदमी सभी भक्ति के गीतों पर थिरक रहे थे।
लेकिन कुछ भक्तगण उस गाय को कुत्ता नोच नोच कर खा रहे थे उसके साथ ही चारो तरफ बदबू फैल रही थी।
सार्वजनिक स्थान पर मृतक पशुओं के शवों को डालना कानूनन गलत माना जाता है क्योंकि खुले में मरे जानवर पड़े होने से उस स्थान का वातावारण दूषित हो जाता है। साथ में अनेक प्रकार की बीमारियां फैल जाती है। जो मानव जीवन के लिए बहुत ही हानिकारक होता है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो महामारी फैलने का खतरा और बढ़ जाएगा।
नगरपालिका की ईओ रोली गुप्ता ने वहीं पुराना राग अपनाया। उन्होंने कहा कि जानकारी मिली है कि कर्मचारियों ने खुले में जानबर डाल दिया है। उसे गड्डा खुदवा कर दबा दिया जायेगा। आखिर नगरपालिका अनजान क्यों बनी?प्रशासन द्वारा जिस जगह पर भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन कराने के लिए जगह चुनी गई वह माघ मेले के समय मनोरंजन के साथ वाहन स्टैंड का क्षेत्र बनाया जाता है।
मूर्ति विसर्जन के लिए गड्डा खोदने के लिए नगर पालिका की ही जेसीबी लगाई गई है। ऐसे में जब नगरपालिका के कर्मचारी उसी स्थान पर मरी गाय फेक रहे थे, वे तभी वहां गड्डा खोदकर मृत गाए को दबा सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया क्योकि उनके पास आधिकारियों के आदेश नहीं थे।
Published on:
01 Sept 2017 09:49 pm

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