मां तो आखिर मां होती है मेरी या तेरी फिर किसी और की। मां ही है जो अपने बच्चे के दर्द को समझती सकती है। फिर चाहें वो किसी भी हाल में क्यों न हो। वो खुद भूखी सो सकती है लेकिन अपने बच्चे को भूखा नहीं सोने देगी। एक ऐसी ही तस्वीर आजकल सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिसे देखकर आप भी सिहर जाएंगे। ये खबर फर्रुखाबाद की नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया पर लोग इसे फर्रुखाबाद की ही बता रहे हैं।
तस्वीर में एक दम्पत्ति बाइक से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान उनका एक्सीडेंट हो गया। जिसमे पति को भी चोटें आईं
और महिला का पैर बीच में से टूट गया। लेकिन तस्वीर में आप साफ देख सकते हैं कि एक्सीडेंट के बाद घबराए हुए बच्चे को मां ने अपना दर्द सहकर
भी कैसे दूध पिलाकर चुप किया यह देखने वाली बात है।
एक्सीडेंट के बाद इस हिम्मतवाली महिला ने
अपने टूट चुके पैर और हो रहे भयंकर दर्द को यह सोचकर भुला दिया कि जो होना
था हो चुका अब रोने और तड़पने से क्या फायदा और इसके बाद इस औरत ने तुरंत ही
घटना को स्वीकार कर अपने बच्चे को दूध पिलाकर अपना फ़र्ज़ निभाना शुरू कर
दिया । शायद इस महान औरत की मानसिकता यही रही होगी कि "जो होना था हो
चुका लेकिन आगे की जिंदगी तो हर हाल में जीनी ही है तो रोने धोने से क्या
फायदा"।