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वरलक्ष्मी व्रत 9 अगस्त 2019 : पूजा विधि एवं शुभ मुहूर्त

Varalakshmi Vrat : इस दिन व्रत रखकर माता महालक्ष्मी की "वर लक्ष्मी" के रूप में पूजा-अर्चना की जाती है। जिससे सभी तरह की इच्‍छाओं की पूर्ति होने लगती है।

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भोपाल

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Shyam Kishor

Aug 09, 2019

Varalakshmi Vrat

वरलक्ष्मी व्रत 9 अगस्त : पूजा विधि एवं शुभ मुहूर्त

हर साल सावन मास में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को वरलक्ष्मी ( Varalakshmi Vrat ) मनाया जाता है। हिंदू धर्म के श्रद्धालु वरलक्ष्मी के व्रत को एक बड़े व्रत के रूप में मनाते हैं। इस दिन व्रत रखकर माता महालक्ष्मी की "वर लक्ष्मी" के रूप में पूजा-अर्चना की जाती है। जिससे सभी तरह की इच्‍छाओं की पूर्ति की होने लगती है। साल 2019 के सावन मास में वरलक्ष्मी का व्रत, पूजन 9 अगस्त दिन शुक्रवार को है।

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व्रत एवं पूजन का शुभ मुहूर्त

वरलक्ष्मी के व्रत एवं पूजन का शुभ मुहूर्त 9 अगस्त दिन शुक्रवार को सुबह सूर्योदय के साथ ही प्रारंभ हो जायेगा। जिसका शुभ मुहूर्त देर रात्रि तक रहेगा।

इसलिए मनाते हैं वरलक्ष्मी व्रत

वरलक्ष्मी व्रत के बारे में हिन्दू धर्म शास्त्रों में कथा आती है कि- मगध राज्य के कुंडी नगर में निवास करने वाली एक चारुमती नामक महिला जो माता लक्ष्मी की बहुत बड़ी भक्त थी, जो प्रत्येक शुक्रवार को माँ लक्ष्मी जी की विधि-विधान से विशेष पूजा अर्चना करती थी।

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चारूमती को एक रात्रि स्वप्न में माता लक्ष्मी ने दर्शन देकर इस व्रत के लाभ, विधान, महत्व आदि के बारे में विस्तार से बताया। सुबह उठते ही चरूमती ने इस व्रत को नियम पूर्वक रखने का संकल्प लेकर व्रत रखा। पूजा से पहले विधिवत कलश की स्थापना कर उसकी परिक्रमा की। इस व्रत को रखने से उसकी मनोकामना पूरी होने लगी।

चारुमती ने इस व्रत के बारे में अपनी सहेलियों एवं अन्य महिलाओं को भी बताया। सभी ने भी वरलक्ष्मी का व्रत रखा, जिससे सभी की मनचाही इच्छाएं पूरी होने लगी। वरलक्ष्मी का व्रत रखने वाली महिलाओं को धन, समृद्धि, सुख-सौभाग्य और संतान की कामना वालों को संतान प्राप्ति हुई। ऐसी मान्यता है कि इस दिन व्रत रखकर वर रूप में माँ लक्ष्मी का पूजन करने माँ लक्ष्मी अनेक मनोकामनाएं पूरी कर देती है।

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वरलक्ष्मी का व्रत रखने के लाभ

सावन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि व्रत रखकर पूजन करने वाले को- संतान की प्राप्ति होती है। सुख और संपदा में वृद्धि होने लगती है। अचानक धन का आगमन होता है। व्रत रखने वाली स्त्रियों के पति को दीर्घायु जीवन की प्राप्ति होती है। यश तथा प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है।

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