Bank Customers के लिए बड़ी खुशखबरी, 1 जनवरी के बाद कटा हुआ पूरा पैसा मिलेगा रिफंड

-कोरोना संकट ( Coronavirus ) में बैंक ग्राहकों ( Bank Customers ) को बड़ी राहत मिली है।
-मोदी सरकार ( PM Modi ) ने यूपीआई समेत डिजिटल लेनदेन ( Digital Transaction ) पर लगने वाले अतिरिक्त चार्ज को खत्म कर दिया है।
-इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ( Income Tax ) ने बैंकों से कहा है कि वे रुपे कार्ड या भीम-यूपीआई ( UPI, RuPay BHIM ) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से किए गए ट्रांजेक्शन पर 1 जनवरी 2020 के बाद वसूले गए चार्ज को ग्राहकों को रिफंड ( Refund ) करें।

By: Naveen

Published: 31 Aug 2020, 02:27 PM IST

नई दिल्ली।
कोरोना संकट ( coronavirus ) में बैंक ग्राहकों ( Bank Customers ) को बड़ी राहत मिली है। मोदी सरकार ( PM Modi ) ने यूपीआई समेत डिजिटल लेनदेन ( Digital Transaction ) पर लगने वाले अतिरिक्त चार्ज को खत्म कर दिया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ( income tax ) ने बैंकों से कहा है कि वे रुपे कार्ड या भीम-यूपीआई ( UPI, RuPay BHIM ) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से किए गए ट्रांजेक्शन पर 1 जनवरी 2020 के बाद वसूले गए चार्ज को ग्राहकों को रिफंड ( Refund ) करें। इसके साथ ही CBDT ने इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन-269एसयू का हवाला देते हुए बैंकों को सख्त कहा है कि भविष्य में इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म के जरिए किए जाने वाले किसी भी ट्रांजेक्शन पर कोई चार्ज न लगाएं।

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ग्राहकों को मिलेगा रिफंड
रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देते हुए सरकार ने वित्त अधिनियम 2019 में धारा 269एसयू के रूप में एक नया प्रावधान जोड़ा है। सीबीडीटी ने सर्कुलर में कहा कि अगर बैंकों ने 1 जनवरी 2020 को या उसके बाद तय इलेक्ट्रॉनिक मोड के जरिए किए गए ट्रांजेक्शन पर कोई चार्ज वसूला है तो वे इसे तत्काल वापस करें और भविष्य में इस प्रकार के लेन-देन पर कोई चार्ज नहीं लें।

आपको बता दें कि दिसंबर 2019 में स्पष्ट किया गया था कि एक जनवरी 2020 से मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) सहित किसी भी तरह का चार्ज तय इलेक्ट्रॉनिक मोड से किए गए ट्रांजेक्शन पर लागू नहीं होगा। अगर बैंक ग्राहकों से डिजिटल लेनदेन में कोई भी चार्ज लेते हैं उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

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बैंकों पर हो सकती है कार्रवाई
सीबीडीटी ने कहा कि इन कानूनों के उल्लंघन पर आईटी एक्ट से सेक्शन 271DB और PSS Act के सेक्शन 26 के तहत बैंक पर कार्रवाई की जा सकती है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में 1.49 अरब यूपीआई डिजिटल ट्र्रांजेक्शन हुए है। कोरोना वायरस महामारी फैलने के बाद डिजिटल पेमेंट एक जरूरत बन गई है।

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