बजट 'न्यू इंडिया' वाला: गरीबों-किसानों पर करम, अमीरों पर सितम, मिडिल क्लास का तोड़ा भ्रम

बजट 'न्यू इंडिया' वाला: गरीबों-किसानों पर करम, अमीरों पर सितम, मिडिल क्लास का तोड़ा भ्रम

Saurabh Sharma | Updated: 05 Jul 2019, 07:33:17 PM (IST) फाइनेंस

FM Nirmala Sitharaman में अपने New India Budget में गरीबों-किसानों और किसानों को राहत दी है। इनकम टैक्स में बदलाव नहीं किया और पेट्रोल और डीजल में ड्यूटी बढ़ा दी।

नई दिल्ली। मोदी सरकार ( Modi govt ) ने अपने दूसरे कार्यकाल का पहला बजट देश के सामने रख दिया है। बजट में वित्त मंत्री ( finance minister ) ने साफ कहा कि पहले पांच साल मोदी सरकार ने न्यू इंडिया ( New India ) के लिए काम शुरू कर दिया था। अब उन कामों को रफ्तार देने का समय है। निर्मला सीतारमण ( Nirmala Sitharaman ) के बजट में जहां गरीबों और किसानों पर अपना पूरा करम दिखाया। वहीं दूसरी ओर अमीरों पर टैक्स बढ़ाकर साफ कर दिया कि इस तबके को अब देश की इकोनॉमी को आगे बढ़ाने के लिए और ज्यादा योगदान देना होगा। वहीं पेट्रोल-डीजल की कीमत ( Petrol Diesel Price ) में एक्साइज ड्यूटी ( Excise Duty ) बढ़ाकर इस बात का भ्रम तोड़ दिया कि मोदी सरकार उन्हें ज्यादा परेशान नहीं करेगी। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर इस न्यू इंडिया वाले बजट में क्या दिया गया है...

न्यू इंडिया बजट में किसानों की धमक
निर्मला के न्यू इंडिया बजट में किसान और गांवों को ज्यादा तवज्जों दी गई है। स्किम ऑफ फंड फॉर अपग्रेडेशन ऐंड रीजनरेशन ऑफ ट्रेडिशनल इंडस्ट्रीज (SFURTI) योजना की घोषणा की गई है। जिसमें कॉमन फैसिलिटी सेंटर्स स्थापित करने की बात कही गई है। ऐग्रो रूरल इंडस्ट्री सेक्टर में 75 हजार स्किल्ड उद्यमी तैयार करने को कहा गया है। सरकार किसानों के उगाए फसलों में मूल्यवर्धन के लिए निजि उद्यमिता को बढ़ावा देने को कहा हैै। सरकार देश के अन्नदाता को और बेहतर करने के लिए कई कार्यक्रम भी तैयार किए हैं। इसके अलावा देश के किसानों को सुदृढ़ बनाने के साथ गांवों को भी बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे। बजट में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में 1.25 लाख किमी सड़कों को अगले पांच सालों में अपग्रेड करने की बात कही गई है। जिसके लिए 80,250 करोड़ रुपए एलोकेट किए गए हैं।

अमीरों को अपनी भागीदारी बढ़ानी होगी
- इस बार मोदी सरकार ने अमीरों की जिम्मेदारियों में इजाफा कर दिया है।
- बजट में 2 से 5 करोड़ रुपए सालाना कमाई करने वालों पर 3 फीसदी अतिरिक्त टैक्स लगाया गया है।
- 5 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाई करने वालों पर 7 फीसदी अतिरिक्त टैक्स कर दिया है।
- बैंक से एक साल में एक करोड़ से अधिक की राशि निकालने पर 2 फीसदी टीडीएस लगाने का प्रावधान कर दिया है।
- डिजिटल पेमेंट पर कन्ज्यूमर से कोई अतिरिक्त चार्ज या एमडीआर नहीं वसूला जाएगा।

मिडिल क्लास का तोड़ दिया भ्रम
जहां बजट में मिडिल क्लास राहत देने की कोशिश की गई है वहीं दूसरी ओर सरकार ने भ्रम तोडऩे का भी काम किया है। सरकार ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अगर उन्हें मिडिल क्लास की जेब भरनी आती है तो उस जेब से निकालने के नए तरीके भी आते हैं। पहले बात थोड़ी राहतों की कर लेते हैंज्
- ई-व्हीकल्स खरीदने वालों को ऑटो लोन पर डेढ़ लाख रुपए तक के ब्याज पर इनकम टैक्स में छूट मिलेगी।
- 45 लाख रुपए तक का घर खरीदने पर लोन के ब्याज पर छूट 2 लाख से बढ़ाकर 3.5 लाख की।
- होम लोन पर ब्याज भुगतान पर टैक्स में 2 लाख रुपए तक की छूट थी।
- अब 31 मार्च 2020 तक लिए गए लोन के ब्याज पर टैक्स में 1.5 लाख रुपए की अतिरिक्त छूट देने का ऐलान हुआ है।
मिडिल क्लास पर आफत
- पेट्रोल-डीजल की कीमत पर एक-एक रुपया एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी गई है।
- इस बढ़ोतरी के बाद आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमत में 3 रुपए का इजाफा हो जाएगा।
- पेट्रोल और डीजल की कीमत में इजाफा होने से देश मिडिल क्लास की जेब पर बोझ बढ़ जाएगा।
- पेट्रोल-डीजल महंगा होने से महंगाई की मार भी बढ़ेगी।
- गोल्ड और अन्य बहुमूल्य धातुओं पर कस्टम ड्यूटी 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दी गई।
- एक्ससाइज ड्यूटी बढ़ाने से सोने के दाम 35 हजार के पार पहुंचेंगे।
- सोना मिडिल क्लास की पहुंच से दूर होता चला जाएगा।

देश की 99 फीसदी कंपनियों को राहत
बजट में कॉरपोरेट टैक्स के माध्यम से देश की 99 फीसदी कंपनियों को राहत दी गई है। अब 400 करोड़ रुपए की टर्नओवर की कंपनियों को 25 फीसदी के सबसे निचले टैक्स स्लैब में लाया गया है। इससे पहले 250 करोड़ टर्नओवर वाली कंपनियां की इस दायरे में थी। अब इस फैसले के बाद देश की 99.30 फीसदी कंपनियां 25 फीसदी कॉरपोरेट टैक्स के दायरे में आ जाएंगी।

बजट में आधार को किया मजबूत
सरकार ने इस बजट में आधार को मजबूत करने का काम किया है। अब जिन लोगों के पास पैन कार्ड नहीं है, तो आधार से आपका आधार मजबूत हो जाएगा। मतलब साफ है कि इनकम टैक्स भरने के लिए पैन की अनिवार्यता खत्म कर दिया गया है। आधार दिखाकर काम चल जाएगा। इनकम टैक्स रिटर्न भरने तक में छूट मिलेगी। इसके अलावा पासपोर्ट बनवाने के लिए भी आप सिर्फ आधार दिखाकर काम चला सकते हैं।

महिलाओं को कर दिया खुश
वहीं वित्त मंत्री हर घर की होम मिनिस्टर्स यानी महिलाओं को खुश करने का काम किया है। वित्त मंत्री ने महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए विमन एसएचजी इंट्रेस्ट सबवेंशन प्रोग्राम को हर जिले में लागू करने का प्रस्ताव दिया है। जनधन अकाउंट धारक महिलाओं को 5 हजार रुपए की ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी दी जाएगी। मुद्रा योजना के तहत सेल्फ हेल्प ग्रुप की वेरीफाइड महिला को 1 लाख रुपए तक का लोन दिया जाएगा।

बजट की अन्य बातें
- भारत में हर साल 20 लाख करोड़ रुपये निवेश की जरूरत है।
- क्रेडिट गारंटी इंहैंसमेंट कॉर्पोरेशन की स्थापना 2019-20 में होगी।
- पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के दूसरे चरण में 2020 से 2021-22 के दौरान 1.95 करोड़ घरों के आवंटन का लक्ष्य रखा गया है।
- ऑनलाइन पर्सनल लोन, डोर स्टेप बैंकिंग, एक सरकारी बैंक में खाता खुलवाकर सारे सरकारी बैंकों की सुविधा लेने की छूट देने जैसी व्यवस्था की जा रही है।
- बीमा क्षेत्र की मध्यस्थ इकाइयों के लिए 100 फीसदी एफडीआई की मंजूरी।
- 2022 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार में बिजली का कनेक्शन और स्वच्छ ईधन आधारित रसोई सुविधा होगी।

 

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