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PNB घोटाले में आया नया मोड़, दस्तावेज छिपाने के आरोप में फंसी देश की सबसे बड़ी लॉ फर्म

बीते शुक्रवार को सीएएम के दफ्तर से सीबीआर्इ ने पीएनबी घोटाले से संबंधित कर्इ अहम दस्तावेज इकट्ठा किया था।

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PNB घाेटाले में नया मोड़, देश के सबसे बड़े लाॅ फर्म पर CBI का शिकंजा

नर्इ दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के हजारों करोड़ों रुपए के घाटाले में अब देश की सबसे बड़ी लाॅ फर्म सिरिल अमरचंद मंगलदास (सीएएम) बुरी तरह से फंसती हुर्इ नजर आ रही है। बीते शुक्रवार को सीएएम के दफ्तर से सीबीआर्इ ने पीएनबी घोटाले से संबंधित कर्इ अहम दस्तावेज इकट्ठा किया था। न्यूज एजेंसी राॅयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक पर सीबीआर्इ अब सीएएम की भी जांच में जुटी गर्इ है। इसी साल जनवरी माह में देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक में अब तक का सबसे बड़े बैंक घोटाले का पर्दाफाश हुआ था। इस घोटाले में हीरा कारोबारी नीरव मोदी आैर उसके मामा मेहुल चोकसी ने बैंक के अधिकारियों के साथ मिलकर करीब 14 हजार करोड़ रुपए का हेरफेर किया था।


नीरव मोदी आैर उसके कारोबार का सीएएम नहीं करती है प्रतिनिधित्व
फरवरी 2018 में ही नीरव मोदी के कुछ सहयोगियों ने एक मुंबर्इ के एक हीरा फर्म में अहम जानकारियों से जुड़े कागजात को कार्टून में भरकर सीएएम के आॅफिस में भेजा था। नीरव मोदी के वकील के राघवाचार्युलु आैर सीबीआर्इ के दो अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर राॅयटर्स को जानकारी दी की सीएएम के पास नीरव मोदी आैर पीएनबी घोटाले से संबंधित कागजात हैं। ध्यान देने वाली बात ये है कि ये फर्म नीरव मोदी आैर उसके कारोबार का प्रतिनिधित्व नहीं करती है। वकील ने सीबीआर्इ द्वारा मिलने वाले नियमित ब्रिफिंग के आधार पर कहा कि मैं इस बात को लेकर 100 फीसदी पक्का हूं कि सीएएम का पीएनबी फ्राॅड से कोर्इ संबंध नहीं है।


शुरुअाती जांच में नहीं आया सीएएम का नाम
रिपोर्ट के अनुसार मई में दायर किए गए नीरव मोदी और अन्य लोगों के खिलाफ जांच एजेंसी की पहली आरोपपत्र में उल्लेख किया गया है कि "मामले के लिए प्रासंगिक दस्तावेज /लेख" लाॅ फर्म के कार्यालय ही पाए गए थे। हालांकि, सिरिल अमरचंद मंगलदास पर न तो आरोप लगाया गया था और न ही इस मामले में गवाह के रूप में नामित किया गया था। लेकिन एक अज्ञात सीबीआई अधिकारी ने कहा कि आरोपपत्र दायर करने से पहले पुलिस ने फर्म से कम से कम एक जूनियर वकील के बयान पर सवाल उठाया और पूछताछ की थी। रिपोर्ट के अनुसार लाॅ फर्म ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। कंपनी के प्रवक्ता मधुमिता पॉल ने रॉयटर्स से कहा, फर्म सख्ती से कानूनी सर्वोत्तम प्रथाओं का पालन करती है।