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10 रुपए का सिक्का ना लेने वाले दुकानदार हो जाएं सावधान हो सकती है ये सजा

अक्सर सिक्कों को लेकर ऐसी अफवाहें सुनने में आती रहती है की आज दस का सिक्का बंद हो गया तो कभी ये सुनने को मिलता है की दो या एक का सिक्का चलना ही बंद हो गया हैं। इतना ही अफवाह फैलाने के बाद कोई भी दुकानदार हो या रिक्शे वाला सिक्के लेने को तैयार नहीं होता हैं।

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10 रुपए का सिक्का ना लेने वाले दुकानदार हो जाए सावधान हो सकती है ये सजा

नई दिल्ली। अक्सर सिक्कों को लेकर ऐसी अफवाहें सुनने में आती रहती है की आज दस का सिक्का बंद हो गया तो कभी ये सुनने को मिलता है की दो या एक का सिक्का चलना ही बंद हो गया हैं। इतना ही अफवाह फैलाने के बाद कोई भी दुकानदार हो या रिक्शे वाला सिक्के लेने को तैयार नहीं होता हैं। ऐसा ही कुछ मध्य प्रदेश में भी हुआ जब इन आफवाओं के चलते दुकानदार ने दस का सिक्का लेने से माना कर दिया। ऐसा करने के बाद तो जैसे दुकानदार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। जी हां क्योंकि दस रुपए न लेने पर स्थानीय अदालत ने उस शख्स को कलेक्टर के आदेश की अवहेलना का दोषी करार देते 200 रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया।


दस का सिक्का लेने से किया इंनकार

दरअसल 17 अक्टूबर 2017 को आकाश जौरा कस्बे में बनियापारा स्थित दुकान पर दो रुमाल खरीदने गए थे। वहां पर आकाश ने दुकानदार अरुण जैन से दो रुमाल खरीदे। फिर जब रुमाल खरीदने के बाद आकाश दुकानदार को 10-10 रुपये के दो सिक्के देने लगे तो दुकानदार ने सिक्के लेने से इंनकार कर दिया। जब आकाश ने इसका कारण पूछा तो दुकानदार ने कहा की 10 रुपए के सिक्के का अब बाजार में चलन में नहीं हैं।

समझाने पर भी नहीं माना दुकानदार

आकाश ने दुकानदार को समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन दुकानदार नहीं माना और उसने सिक्के नहीं लिए। आकाश ने दुकानदार को यह भी कहा कि कलेक्टर मुरैना के आदेश हैं कि 10 रुपए के सिक्कों को लेने से कोई इनकार नहीं कर सकता है और ये सिक्के बाजार में चलन में हैं। इसके बावजूद दुकानदार नहीं माना और उसने ग्राहक से रुमाल वापस लेकर उसे वहां से जाने के लिए कहा।

अदालत ने सुनाया फैसला

दुकानदार के 10 रुपए के सिक्कों के नहीं लेने के बाद आकाश को गुस्सा आ गया और उसने जाकर घटना की रिपोर्ट जौरा पुलिस थाने में दर्ज करा दी। पुलिस ने भी दुकानदार अरुण जैन के खिलाफ कलेक्टर का आदेश ना मानने की रिपोर्ट दर्ज कर ली। आदेश का उल्लंघन करने का मामला दर्ज कर दुकानदार को गिरफ्तार कर लिया और फिर जांच के बाद प्रकरण का चालान अदालत में पेश किया। फिर इस मामले को कोर्ट में पेश किया गया। इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने अरुण जैन को आईपीसी की धारा 188 के तहत कलेक्टर के आदेश की अवहेलना करने का दोषी पाया और उसे अदालत उठने तक की सजा तथा 200 रुपये के जुर्माने से दंडित किया।