Small Savings Schemes पर घट सकती हैं ब्याज दरें, PPF या सुकन्या समृद्धि में कर रखा है निवेश तो जानें ये जरूरी बातें

  • Interest Rate On Small Savings Scheme : गिरती इकोनॉमी के चलते वित्त मंत्रालय की ओर से घटाई जा सकती हैं ब्याज दरें
  • इससे पहले आरबीआई ने कम किया था इंटरेस्ट रेट, निवेशक सुरक्षित प्लान की ओर कर रहे थे मूव

By: Soma Roy

Published: 30 Sep 2020, 03:07 PM IST

नई दिल्ली। 30 सितंबर यानि आज कई सरकारी सुविधाओं का लाभ पाने की अंतिम तारीख है। ऐसे में 1 अक्टूबर से कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इसमें स्मॉल सेविंग्स स्कीम (Small Savings Scheme) पर मिलने वाली ब्याज दरें भी शामिल है। वित्त मंत्रालय इसे लेकर निर्णय ले सकता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान छोटी सेविंग्स स्कीम पर ब्याज दरें घटाई जा सकती है। जिसका असर पीपीएफ (PPF) एवं सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samridhi Yojjana) जैसी स्कीम्स पर पड़ सकता है। अगर आपने इन योजनाओं के तहत निवेश कर रखा है तो आपके लिए कुछ बातें जानना जरूरी है।

आरबीआई ने घटाई थीं दरें
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने हाल ही में ब्याज दरें घटाई थीं। जिसके चलते बॉन्ड यील्ड निचले स्तर पर है। ऐसे में छोटी बचत स्कीम्स में ब्याज और कम होने की आशंका है। केंद्र सरकार की ओर से स्‍मॉल सेविंग स्‍कीम की समीक्षा कर ब्याज दरें हर तिमाही आधार (Quarterly Basis) पर तय की जाती है। इससे पहले ब्‍याज दरों में सालाना आधार पर बदलाव होता था।

पीपीएफ में घटता-बढ़ता है ब्याज
पब्लिक प्रोविडेंट फंड स्कीम में ब्याज दरें घटती-बढ़ती रहती हैं। इसमें सरकार की ओर से तय ब्याज दर लागू होते हैं। अप्रैल-जून 2020 तिमाही में सरकार ने पीपीएफ पर मिलने वाले ब्‍याज की दर 0.8 फीसदी घटाई थी। जिसके चलते ब्याज दर 7.1 फीसदी हो गया था। इससे पहले जनवरी-मार्च 2020 तिमाही में इस पर 7.9 फीसदी की दर से ब्‍याज मिल रहा था। मौजूदा तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के दौरान ब्याज दरें 7.1 फीसदी है। अब अगर वित्त मंत्रालय ब्याज दर घटाता है तो निवेशकों को कम मुनाफा होगा।

सुकन्या समृद्धि योजना पर भी पड़ेगा असर
पीपीएफ की तरह इस सुकन्या योजना पर भी ब्याज दरों के घटने या बढ़ने का फर्क देखने को मिलता है। वर्तमान समय में इस पर 7.6 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है। लड़कियों के उज्जवल भविष्य के लिए डाकखाने की ये स्कीम काफी पॉपुलर है। इस योजना में बेटी की शिक्षा से लेकर शादी तक में मदद मिलती है। योजना की खासियत यह है कि इसकी मेच्योरिटी 21 साल है। जबकि निवेश महज 14 साल के लिए ही करना होता है। योजना में अधिकतम 1.50 लाख रुपए सालाना जमा कर सकते हैं। वहीं न्यूनतम राशि 250 है।

Show More
Soma Roy Content Writing
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned