
बड़ा खुलासाः चीन में छप रहे है 2000 आैर 500 रुपए के नए नोट, जानिये क्यों?
नर्इ दिल्ली। देश में चाइनीज सामान का बड़ा मार्केट है। अरबों डाॅलर का चाइनीज सामान भारतीय बाजारों में बिक रहा है। जिनकी भारतीयों को आदत तक पड़ गर्इ है। देश के स्वतंत्रता दिवस से लेकर दीपावली तक जैसे त्याहारों में चाइना के सामानों का सामानों का जलवा रहता है, लेकिन क्या आपको इस बात की जानकारइ है कि देश की करंसी भी चाइनीज हो चुकी है। जी हां, एक चाइनीज मीडिया रिपोर्ट के अनुसार देश की करंसी चीनी प्रिंटिंग प्रेस में छप रही है। जिस बात को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री शशि थरूर ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।
चाइना की रिपोर्ट के अनुसार
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार भारत, नेपाल, बांग्लादेश, मलयेशिया, थाइलैंड के अलावा कई देशों की करंसी चीन की प्रिंटिंग प्रेस छप रही हैं। यह रिपोर्ट बेल्ट ऐंड रोड प्रॉजेक्ट की वजह से चीन में अन्य देशों के नोट प्रिंटिंग के बढ़ते कारोबार और वहां की अर्थव्यवस्था पर इसके असर से संबंधित है। वहीं सरकार की आेर से इस बात की पुष्टि नहीं हुई है।
शशि थरूर ने मांगा स्पष्टीकरण
इस रिपोर्ट पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर कहना है कि अगर एेसा है कि इससे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। एेसे में केंद्र सरकार को इस मामले में स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली और पीयूष गोयल को टैग करते हुए ट्वीट कर कहा है कि अगर यह सच है तो इसका राष्ट्रीय सुरक्षा पर घातक असर हो सकता है। पाकिस्तान के लिए इसकी नकल करना और आसान हो जाएगा। पीयूष गोयल और अरुण जेटली, कृपया स्पष्ट करें।'
इस शख्स के इंटरव्यू का दिया हवाला
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने इस रिपोर्ट की पुष्टि के लिए बैंक नोट प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन के प्रजिडेंट लियू गुशेंग के 1 मई के एक इंटरव्यू का हवाला दिया है। गुशेंग ने इस इंटरव्यू में कहा था कि साल 2013 से चीन में विदेशी नोटों की छपाई का काम शुरू हुआ और अब यहां की प्रिटिंग प्रेसों में भारत, नेपाल, बांग्लादेश, श्री लंका, मलयेशिया, थाइलैंड, ब्राजील, पोलैंड समेत कई देशों के नोट छापे जाते हैं।
Updated on:
14 Aug 2018 09:08 am
Published on:
13 Aug 2018 04:34 pm
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