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अंतरिम बजट 2019: प्रणब आैर चिदंबरम की राह पर चलेंगे पीयूष!

पीयूष गोयल कृषि पैकेज का एेलान कर सकते हैं। जिसके तहत इनकम ट्रांसफर, मिनिमम सपोर्ट प्राइस स्कीम को नरम करने और समय पर चुकाए जाने वाले कृषि कर्ज पर ब्याज माफी सहित कई विकल्प तैयार किए जा रहे हैं।

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Piyush Goyal

Piyush Goyal

नर्इ दिल्ली। एक फरवरी को संसद में पेश होने वाला बजट अंतरिम बजट मोदी सरकार आखिरी बजट होगा। जिसके लिए सरकार आैर उनके मंत्री जोरशोर से तैयारी कर रहे हैं। चुनाव के लिहाज से सरकार आम जनता को राहत देने वाला बजट पेश कर सकती है। कुछ एेसा ही यूपीए ने दोनों टेन्योर में किया था। पहले टेन्योर के अंतरिम बजट में प्रणब मुखर्जी ने बजट पेश करते हुए जनता को कर्इ तरह की रियायत दी थी। वहीं दूसरे टेन्योर में पी चिदंबरम ने लोगों को बड़ी राहत दी थी। एेसा ही कुछ पीयूष गोयल भी कर सकते हैं। आपको बता दें कि अरुण जेटली बीमारी का इलाज कराने के लिए विदेश गए हुए हैं। एेसे में पीयूष गोयल को वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। एेसे में वो एक फरवरी को अंतरिम बजट पेश कर सकते हैं…

कृषि पैकेज पर हो सकता है एेलान
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीयूष गोयल कृषि पैकेज का एेलान कर सकते हैं। जिसके तहत इनकम ट्रांसफर, मिनिमम सपोर्ट प्राइस स्कीम को नरम करने और समय पर चुकाए जाने वाले कृषि कर्ज पर ब्याज माफी सहित कई विकल्प तैयार किए जा रहे हैं। कहा यह भी जा रहा है किसानों को खुश करने के लिए बजट से पहले भी इस पैकेज की घोषणा की जा सकती है।

इन पर भी हो रहा है विचार
डेलॉयट, हास्किंस एंड सेल्स के पार्टनर रोहिंग्टन सिधवा के अनुसार किसानों को राहत और पर्सनल टैक्स रेट्स में कमी की संभावना ज्यादा दिख रही है। सर्विस टैक्स और सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी को पहले ही जीएसटी में शामिल किया जा चुका है। जिसके फैसले जीएसटी काउंसिल करती है। वहीं बजट की तैयारी के दौरान मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए कस्टम्स ड्यूटी में बदलाव करने और कुछ राहत देने पर भी विचार किया गया था। डिजिटल ट्रांजैक्शंस बढ़ाने की खातिर इंसेंटिव्स देने और टैक्सपेयर्स के लिए एग्जेम्प्शन लिमिट को बढ़ाकर 3.5 लाख रुपए करने या ज्यादा डिडक्शंस की इजाजत देने पर भी गौर किया गया है।

चिदंबरम आैर मुखर्जी ने यह उठाए थे कदम
वर्ष 2009-10 के लिए अंतरिम बजट पर चर्चा के जवाब में मुखर्जी ने वैश्विक सुस्ती से प्रभावित अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए सर्विस टैक्स और एक्साइज ड्यूटी में 2 फीसदी कटौती की घोषणा की थी। वहीं चिदंबरम ने वर्ष 2014-15 के लिए अंतरिम बजट में सर्विस टैक्स और कस्टम्स ड्यूटी में बदलाव करने के अलावा ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एक्साइज ड्यूटी में कमी की घोषणा की थी।