6 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

डिजिटल लॉकर प्लेटफ़ॉर्म को आरबीआई की मंजूरी, केवाईसी के लिए मान्य होंगे ई-डॉक्युमेंट्स

आरबीआई का सर्कूलेशन, केवाईसी डॉक्युमेंट्स में किया जा सकता है सब्मिट इसके बाद आपको कहीं भी ऑरिजिनल डॉक्युमेंट रखने की नहीं होगी जरुरत

2 min read
Google source verification

image

Saurabh Sharma

Jan 11, 2020

digital locker.jpg

RBI approval for digital locker platform, e-document valid for KYC

नई दिल्ली।रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ( reserve bank of india ) ने बड़ा फैसला लेते हुए डिजिटल लॉकर प्लेटफ़ॉर्म ( Digital locker platform ) और इसके डिजिटल डॉक्युमेंट्स ( Digital Documents ) को मंजूरी दे दी है। आरबीआई ने ताजा सर्कूलर जारी करते हुए यह भी कहा है कि डिजिटल लॉकर में रखे ई-डॉक्सुमेंट्स केवाईसी में स्वीकार होंगे। बता दें अब आरबीआई के इस सर्कुलेशन के बाद केंद्र सरकार की डिजिटल लॉकर स्कीम के जरिए सभी शैक्षणिक दस्तावेज, पहचान और पते का प्रमाण यहां सुरक्षित रखा जा सकता है। अगर कोई इंटरव्यू भी देने जा रहा है तो उसे ऑरिजिनल डॉक्युमेंट्स ले जाने की जरुरत नहीं होगी।

यह भी पढ़ेंः-विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी, 461.16 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा

क्या आप जानते हैं डिजिटल लॉकर के बारे में?
डिजिटल लॉकर एक वर्चुअल लॉकर की तरह है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे जुलाई 2015 में लांच किया था। इससे जुड़े नियमों को 2017 में नोटिफिाई किया गया था। सरकार के अनुसार एक बार लॉकर में अपने डाक्‍यूमेंट अपलोड करने के बाद उन्‍हें फिजिकली रखने की जरूरत नहीं है। संबंधित अधिकारी के मांगे जाने पर आप इसे दिखाकर अपना काम चला सकते हैं। अधिकारियों को भी इसे मान्‍यता देना होगा। सबसे जरूरी बात ये है कि इसका अकाउंट बिना आधार के बिना नहीं खुलेगा। लॉकर आधार कार्ड की डीटेल्स के जरिए खोला जाएगा।

यह भी पढ़ेंः-आर्थिक मोर्चे पर सरकार को राहत, विनिर्माण क्षेत्र के बाद औद्योगिक उत्पादन हुआ इजाफा

यह सभी डॉक्युमेंट्स रहेंगे पूरी तरह से सेफ
इस वर्चुअल लॉकर में पैन कार्ड, शैक्षिक प्रमाण पत्र, जाति और जन्म प्रमाण-पत्र, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट आदि सभी तरह के डॉक्युमेंट्स रख सकते हैं। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम-2000 के तहत यहां मौजूद इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को मूल रिकॉर्ड के समान माना जाएगा। वहीं इस डिजिटल लॉकर में आपके सभी डॉक्सयुमेंट्स सेफ होंगे। इसमें आपका यूजर आईडी आधार कार्ड और मोबाइल नंबर से लिंक होगा। डिजिटल लॉकर खुलने से पहले मोबाइल पर ओटीपी आएगा। जिसे डालने के बाद ही लॉकर खुलेगा।

यह भी पढ़ेंः-ऑटो सेक्टर के लिए दो दशकों में सबसे खराब रहा 2019, जारी रहेगी सुस्ती

ऐसे बना सकते हैं डिजिटल लॉकर में अकाउंट
- https://digilocker.gov.in/ पर क्लिक कर डाउनलोड किया जा सकता है।
- आप गूगल प्ले स्टोर से https://play.google.com/store/apps/details?id=com.digilocker.android पर क्लिक करके भी मोबाइल ऐप भी डाउनलोड कर सकते है।
- मोबाइल नंबर डालें और कन्टीन्यू पर क्लिक करें।
- अकाउंट वेरिफाई करने के लिए मोबाइल पर ओटीपी आएगा।
- यूजरनेम और पासवर्ड बनाएं और साइन अप पर क्लिक कर आधार नंबर डालें और इसे साइन करें।
- आधार नंबर से वेरिफाई करने पर मोबाइल पर फिर ओटीपी आएगा उसे डालकर आगे बढ़ें।
- जिसके बाद अब डिजिलॉकर में आपका अकाउंट खुलने का मैसेज आ जाएगा।