RBI ने बदली कर्ज की गाइडलाइंस, अब किसानों को सोलर प्लांट लगाने के लिए आसानी से मिलेगा लोन

  • RBI Changes In Guidelines : छोटे एवं मध्यम वर्गीय किसानों को राहत देने के मकसद से रिजर्व बैंक ने उठाया ये कदम
  • सोलर प्लांट्स और कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट्स को प्राथमिक क्षेत्र के तहत शामिल किया गया है

By: Soma Roy

Published: 05 Sep 2020, 02:13 PM IST

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक (RBI-Reserve Bank of India) अब किसानों को राहत देने वाला है। एक नियमों के तहत किसानों को सोलर प्लांट्स (Solar Plants) लगाने और कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट्स के लिए आसानी से लोन मिल सकेगा। आरबीआई ने प्राथमिकता क्षेत्र के कर्ज (Priority Sector Lending) के नियमों में बदलाव किया है। इससे छोटे और सीमान्त किसानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा।

आरबीआई ने नए दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्राथमिक क्षेत्र के तहत दिए जाने वाले लोन में क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने के लिए ये कदम उठाया है। अब 50 करोड़ रुपए तक के स्टार्ट अप में सोलर प्लांट्स और कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाने जैसे कामों को शामिल किया गया है। प्राथमिक क्षेत्र को लोन की नई गाइडलाइंस सभी कमर्शियल बैंकों के लिए होगी। नए पीएसएल दिशा—निर्देशों से ऐसे किसानों को लाभ मिल सकेगा जिन्हें लोन लेने में दिक्कत होती है। इससे अक्षय ऊर्जा, स्वास्थ्य ढांचे के लिए भी कर्ज बढ़ाया जा सकेगा।

आरबीआई के मुताबिक इस पहल से नवीकरणीय ऊर्जा और हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में क्रेडिट फ्लो बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। क्योंकि इसके तहत दिए जाने वाले लोन की सीमा को दोगुना बढ़ा दिया गया है। आरबीआई ने गाइडलाइंस में ये बदलाव यूके सिन्हा की अगुवाई वाली कमेटी की सिफारिशों के आधार पर किया है। इस कमेटी का गठन माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज को लोन मुहैया कराने के लिए किया गया था।

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