
नई दिल्ली। देश की आर्थिक मंदी को लेकर रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा कि देश में किसी भी तरह की आर्थिक मंदी नहीं है। हमारे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है। भारत में बढ़ता वैश्विक जोखिम के बाद भी अर्थव्यवस्था सुचारू रुप से काम कर रही है। इसका प्रमुख कारण विदेशी लोन है क्योंकि इस समय देश के कुल कर्ज में विदेशी लोन सिर्फ 19.7 फीसदी है।
देश में घटेगी महंगाई दर
विदेशी लोन का कम होना देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक काफी मजबूत फैक्टर है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले 12 महीनों तक महंगाई दर 4 फीसदी से नीचे रहने की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल इस समय अगस्त में महंगाई दर 7.67 फीसदी पर पहुंच गई है।
वैश्विक स्तर नहीं है कोई मंदी
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सब्सिडी और मुद्रास्फीति का स्तर कम होने से सऊदी अरब में हुए ड्रोन हमले का असर भी भारत पर होगा। इसके साथ ही तेल संकट से राजकोषीय घाटा भी प्रभावित होगा। साथ ही मंदी पर उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर अभी कोई मंदी की स्थिति नहीं है।
ब्लूमबर्ग के कार्यक्रम में हुई बातचीत
ब्लूमबर्ग के एक कार्यक्रम में शक्तिकांत दास ने बातचीत करते हुए कहा, ‘वैश्विक जोखिम बढ़ने के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है क्योंकि इसकी एक प्रमुख वजह कुल कर्ज में विदेशी ऋण का हिस्सा केवल 19.7 प्रतिशत है।'
नौ साल के निचले स्तर पर रेपो रेट
उन्होंने नरमी से निपटने के लिए सरकार को बजट में निर्धारित खर्च को शुरू में ही करने का सुझाव दिया। दिसंबर में पदभार संभालने के बाद से दास ने लगातार चार बार नीतिगत दर में कटौती है। पिछली बार उन्होंने सबको चौंकाते हुए नीतिगत दर में 0.35 फीसदी की कटौती की। फिलाल इस समय रेपो रेट नौ साल के न्यूनतम स्तर 5.40 फीसदी पर आ गई है।
कम हो सकती है रेपो रेट
इसके साथ ही रेपो रेट पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि देश में विकास को आगे बढ़ाने के लिए अभी रेपो रेट में और भी ज्यादा कटौती की जा सकती है। फिलहाल आगे कटौती की ‘गुंजाइश’ बनी हुई है। हमारा आगले एक साल तक महंगाई को कम करने का लक्ष्य बना है, जिसके कारण हम अभी रेपो रेट में और भी कटौती कर सकते हैं।
Updated on:
20 Sept 2019 11:02 am
Published on:
20 Sept 2019 11:01 am
