12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फिरौती के लिए 100 करोड़ मांगने वाले बीसी कारोबारी पर इस तरह कसता चला गया शिकंजा, पढ़िए पत्रिका की यह स्पेशल खबर

— कोर्ट में हाजिर न होने पर पुलिस ने नीलाम कर दी करोड़ों की लागत से बनी कोठी, जब्त कर लिया ऐशो आराम देने वाले सामान।

2 min read
Google source verification
Kurki

Kurki

फिरोजाबाद। अपनी ही फिरौती का झूठा नाटक रच व्हाट्सएप के जरिए 100 करोड़ की फिरौती मांगने वाले फिरोजाबाद के बीसी कारोबारी संजीव गुप्ता पर एक के बाद एक कर पुलिस का शिकंजा कसता चला गया। बेसकीमती कोठी में स्वर्ग जैसे नजारे के बीच रहने वाले बीसी कारोबारी के बुरे दिन आ गए और जेल जाने के बाद हाईकोर्ट से स्टे पाकर वह दोबारा कोर्ट नहीं पहुंचा। उसके बाद कोर्ट ने स्टे की समय सीमा समाप्त होने पर कुर्की के वारंट जारी कर दिए और पुलिस ने उसकी स्वर्ग जैसी कोठी को नीलाम कर दिया।

समाजसेविका को फंसाया
फिरोजाबाद निवासी नीता पांडे ने आॅर्चिड ग्रीन निवासी संजीव गुप्ता के खिलाफ बीसी यानि समूह बनाकर चिटफंड की तरह काम कर धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज कराया था। इसका बदला लेने के लिए बीसी कारोबारी घर से गायब हो गया था और उसकी पत्नी सारिका गुप्ता ने पति का अपहरण कराने की झूठी शिकायत पुलिस में की थी, जिसमें मुकदमा दर्ज कराने वाली नीता पांडे को प्रतिवादी बनाया था। तत्कालीन एसएसपी अजय कुमार पांडे ने संजीव गुप्ता की तलाश जारी कर दी थी।

दो दिन बाद मिली कार
सारिका गुप्ता के नंबर पर लापता होने की रात को फिरौती के 100 करोड़ देने का मैसेज आया। जिसके बाद पुलिस में हड़कंप मच गया था। एसएसपी ने दूसरे दिन संजीव गुप्ता की कार को अलीगढ़ के टप्पल से बरामद कर लिया था। कार यमुना एक्सप्रेस वे पर सड़क किनारे खड़ी थी। पुलिस ने उसके मोबाइल की लोकेशन पता की तो कभी नोएड़ा, दिल्ली और उसके बाद हरियाणा में मिली थी।

पुलिस ने हरियाणा से पकड़ा
पुलिस ने उसे हरियाणा से पकड़ लिया था। जहां वह मॉल में घूमता नजर आया था। पुलिस ने उसके सभी सीसीटीवी फुटेज भी बरामद कर लिए थे। उसके बाद पुलिस ने उसे उसके घर में छोड़ दिया था। पुलिस बाद में उसे पकड़ने के लिए उसके आवास आॅर्चिड ग्रीन पहुंची लेकिन घर बड़ा होने के कारण पुलिस भी भटक गई। वहां से पुलिस वापस लौट आई। उसके बाद पूछताछ के लिए उसे थाने बुलाया गया। जहां से पुलिस ने संजीव गुप्ता, उसकी पत्नी सारिका गुप्ता और साढू के बेटे को जेल भेज दिया था। पत्नी और साढू के बेटे को कोर्ट से जमानत मिल गई थी लेकिन संजीव की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी थी।

हाईकोर्ट से मिला स्टे
संजीव गुप्ता ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया और जेल से बाहर आ गया। कुछ महीने के बाद संजीव परिवार सहित कोठी में ताला डालकर भाग गया। कोर्ट का स्टे समाप्त होने के बाद भी उसके कोर्ट में पेश न होने पर पुलिस ने उसकी कोठी और सामान को कुर्क कर दिया। सौ करोड़ की फिरौती के चक्कर में बीसी कारोबारी की करोड़ों की कोठी कुर्क हो गई।

एसी के बिना नहीं रहता था संजीव
जेल जाने से पूर्व पुलिस ने संजीव और उसकी पत्नी सारिका का सीएचसी टूंडला में मेडिकल कराया था। जहां सारिका ने बताया कि उसका पति संजीव ऐसी के बिना एक पल भी नहीं रह सकता। वह जेल में किस तरह रहेगा। यह सोचकर सारिका कई बार मीडिया कर्मियों के सामने फूट—फूटकर रोई थी। संजीव भी अपनी मदद के लिए गुहार लगाता नजर आया था।