पीड़ित पक्ष का कहना, नहीं सुनी थी पुलिस ने
पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना के बाद वे थाने गए थे, लेकिन वहां पुलिस ने उनकी तहरीर को फाड़कर फेंक दिया था और उन्हें वहां से भगा दिया था। इसलिए जलील की मौत होने के बाद उन्हें इंसाफ के लिए सड़क पर उतरना पड़ा। यदि उसी समय पुलिस मदद कर देती तो शायद ये नौबत न आती।