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बाइक से बच्चे के टकराने पर, बाइक सवार को मिली ऐसी दर्दनाक सजा कि रूह कांप जाए, देखें वीडियो

11 सितंबर को हुआ था हादसा, बच्चे को लगी थी हल्की फुल्की चोट, लेकिन युवक को बदले में मिली दर्दनाक मौत

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Bike Accident

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फिरोजाबाद। शहर में एक बच्चे के बाइक से टकराने पर बाइक सवार युवक को ऐसी खौफनाक सजा मिली कि देखने वालों की रूह कांप गई। लोगों ने उसे पीट—पीटकर लहुलुहान कर दिया। उसके सिर पर रॉड से प्रहार किया। युवक को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

ये था मामला
दरअसल 11 सितंबर को थाना पचोखरा क्षेत्र के अंतर्गत गांव भूत नगरिया में जलील नाम का युवक बाइक लेकर जा रहा था। तभी बाइक के सामने अचानक एक बच्चा आ गया था। जिससे बच्चे के मामूली चोट आ गई थी। इस बात से गुस्साए ग्रामीणों ने जलील को पकड़कर उसकी जमकर पिटाई कर दी थी। ग्रामीणों ने युवक को इस कदर मारा पीटा कि वह बुरी तरह लहू लुहान हो गया था।

सिर में मारी थी राॅड
आरोपियों ने युवक के सिर में राॅड से भी प्रहार किया था। गंभीर हालत में परिजन उसे उपचार के लिए आगरा ले गए थे, जहां 12 दिन बाद युवक की मौत हो गई। युवक की मौत की खबर सुनकर परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के साथ पूरा मुस्लिम समाज एकजुट होकर सड़क पर उतर आया। इसकी खबर लगते ही आरोपी गांव छोड़कर भाग गए। पुलिस को शंका थी कि गांव में शव लाने पर कोई अनहोनी भी हो सकती है। इसलिए आगरा से शव लाने से पहले ही गांव में कई थानों की फोर्स, सीओ डाॅ. धर्मेन्द्र कुमार के नेतृत्व में पहुंच चुकी थी।

समझा बुझाकर कराया गया अंतिम संस्कार
सड़क पर पहुंचे परिजनों को पुलिस ने किसी तरह समझा बुझाकर मामला शांत कराया। उसके बाद पुलिस की निगरानी में शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया। सीओ सिटी अरूण कुमार भी हालात देखकर गांव पहुंच गए थे। परिजनों की तहरीर पर थाना पचोखरा में चार लोगों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस मामले में सीओ सिटी का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

पीड़ित पक्ष का कहना, नहीं सुनी थी पुलिस ने
पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना के बाद वे थाने गए थे, लेकिन वहां पुलिस ने उनकी तहरीर को फाड़कर फेंक दिया था और उन्हें वहां से भगा दिया था। इसलिए जलील की मौत होने के बाद उन्हें इंसाफ के लिए सड़क पर उतरना पड़ा। यदि उसी समय पुलिस मदद कर देती तो शायद ये नौबत न आती।