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ये है यूपी का कैंसर गांव, दो दर्जन लोगों की हो चुकी है मौत

स्वास्थ्य विभाग मौतों की सिलसिला रोकने के लिए कर रहा तैयारियां, दिल्ली के चिकित्सकों से परामर्श।

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firozabad village

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फिरोजाबाद। फिरोजाबाद जिले के मदनपुर ब्लॉक का गांव भांडरी कैंसर के मरीजों के नाम से प्रसिद्ध है। इस गांव में कैंसर से सबसे अधिक मौतें हो चुकी हैं। इस गांव में मौतों का सिलसिला रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयारियों में जुटा है। विभाग द्वारा दिल्ली के चिकित्सकों से परामर्श किया जा रहा है।

काफी चर्चित रहा है यह गांव

वैसे तो फिरोजाबाद का अपनी अलग पहचान है। इस शहर को सुहाग नगरी के नाम से भी जाना जाता है, लेकिन फिरोजाबाद जिले के मदनपुर ब्लाक का एक गांव ऐसा भी है, जिसका नाम जुबान पर आते ही सामने मौत का मंजर नजर आने लगता है। शिकोहाबाद तहसील का ब्लॉक मदनपुर। इस ब्लॉक का गांव भांडरी आजकल कैंसर के नाम से विख्यात हो गया है। इस गांव में सबसे अधिक कैंडर पीडित रहते हैं। कैंसर से करीब दो दर्जन लोगों की मौतें हो चुकी है। दर्जन भर महिला-पुरुष कैंसर की चपेट में हैं। गांव में कैंसर फैलने की वजह अभी तक पता नहीं लग सकी है।

बिना धूम्रपान के हो रहे कैंसर से पीड़ित

कैंसर का नाम सामने आते ही लोगों के जेहन में भूम्रपान की बात सामने आ जाती है। भांडरी गांव में जिन लोगों की मौत हुई है, वह धूम्रपान नहीं करते थे। धूम्रपान किए बिना ही उनकी मौत हो गई। चौंकाने वाली बात यह है कि गांव में कैंसर फैलने की वजह भी किसी को पता नहीं है। ग्राम प्रधान प्रवीन यादव बताते हैं कि कैंसर जैसी बीमारी फैलने की कोई वजह अभी तक सामने नहीं आई है। कैंसर पीड़ितों की एक-एक करके मौत हो रही है। करीब दो दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है, तो दर्जन भर इस बीमारी की चपेट में हैं।

काफी लोगों की हो चुकी है मौत

भांडरी गांव में कैंसर फैलने के चलते करीब दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें प्रमिला देवी पत्नी यशपाल, सुधा देवी पत्नी मुन्नेश कुमार, श्रीकृष्ण पुत्र सामले सिंह, महीपाल सिंह पुत्र प्यारेलाल, डॉ. महेश चन्द्र पुत्र लक्ष्मीनरायन, संजीव पुत्र लक्ष्मीनरायन, रामबेटी पत्नी अजब सिंह, राजेन्द्र सिंह पुत्र अतर सिंह, चमेली देवी पत्नी सामले सिंह, फतेह सिंह पुत्र भूरी सिंह, संजीव पुत्र राधाकृष्ण, प्रेमचन्द्र पुत्र लक्ष्मीनरायन, जसोदा पत्नी मुरारीलाल, मनोज पुत्र राणाकृष्ण, रेशम देवी पत्नी सत्यप्रकाश, जय देवी पत्नी राकेश, सतीशचन्द्र पुत्र लक्ष्मीनरायन, रनवीर सिंह पुत्र बदन सिंह, सर्वेश पुत्र रामौतार, नीलेश पुत्र रनवीर सिंह, मीरा देवी पत्नी सरमन सिंह, अरुण कुमार पुत्र रामवीर सिंह, विरमा देवी पत्नी महीपाल, शारदा पत्नी उमाशंकर का नाम शामिल है।

गांव में अभी भी हैं मरीज

वर्तमान में भी कैंसर ने इस गांव के लोगों का पीछा नहीं छोड़ा है। अभी भी भूरी देवी पत्नी राम सिंह, राजन सिंह पुत्र सुरेन्द्र सिंह, धर्मेन्द्र पुत्र भंवर सिंह, शिवदयाल पुत्र रामअवतार, रानी देवी पत्नी विनोद सिंह, सत्यवीर सिंह पुत्र बंगाली बाबू, मनोज पुत्र सुरेन्द्र सिंह, कमलेश पुत्र रघुवीर सिंह, रामशंकर पुत्र गयाप्रसाद, जशोदा पत्नी अमोल, मुकेश पुत्र रमेश, गौरीशंकर पुत्र बदन सिंह के अलाव चार अन्य इस बीमारी से पीड़ित हैं। सीएमओ डॉ. एसके दीक्षित ने बताया कि कैंसर से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए अच्छे चिकित्सकों से बात की जा रही है।