ग्रांड पेरेंट्स डे विशेषः दादा-दादी के आशीर्वाद से बना आईएएस, अब करना चाहता है जरूरत मंदों की सेवा, देखें वीडियो

Amit Sharma | Publish: Sep, 09 2018 04:14:06 PM (IST) Firozabad, Uttar Pradesh, India

- वर्ष 2016 बैच के युवा आईएस ने बताया अपनी सफलता का राज, माता-पिता का योगदान भी रहा अग्रणी।

फिरोजाबाद। हर की सफलता के पीछे किसी न किसी का हाथ होता है। इस युवा आईएएस की सफलता के पीछे माता-पिता के साथ ही दादा-दादी का भी आशीर्वाद है। इस युवा ने अपनी सफलता के राज पत्रिका के साथ साझा किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार उन्हें यह सफलता मिली और वह आईएएस बनकर किस प्रकार देश सेवा करना चाहते हैं। अभावों में जीवन यापन कर बेटे को आईएएस बनाने वाले माता-पिता को भी बेटे को काफी उम्मीदें हैं।

वर्ष 2016 बैच के हैं आईएएस
मूल रूप से गया बिहार के रहने वाले हरेन्द्र नरायन पुत्र यमुना प्रसाद का परिवार 1983 में टूंडला आया था। इनके पिता रेलवे के इलेक्ट्रिक आरएसओ डिपार्टमेंट से सेवानिवृत्त हैं। कड़ी मेहनत कर पिता ने बेटे को शिक्षा ग्रहण कराई। दादा रामधनी प्रसाद भी नाती को एक बड़ा अधिकारी बनते हुए देखना चाहते थे। इसलिए दादा-दादी और माता-पिता के सपनों को साकार करने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की और वर्ष 2016 में आईएएस की परीक्षा पास की।

मध्य प्रदेश कैडर के हैं आईएएस
हरेन्द्र बताते हैं कि उन्हें आईएएस में मध्य प्रदेश कैडर मिला हैं। अभी वह रेलवे के क्वार्टर में परिवार सहित रहते हैं। उनकी ट्रेनिंग मंसूरी में हो चुकी है और अब सेंट्रल में तीन महीने की ट्रेनिंग पर हैं। अक्टूबर माह में उन्हें मध्य प्रदेश में किसी जिले में भेजा जाएगा। उनका संकल्प है कि वह जरूरतमंदों की सेवा करेंगे और जहां तक हो सकेगा आने वाले फरियादियों की मदद करेंगे। उनके जीवन का यही एक मात्र उद्देश्य है। अपने दादा-दादी और माता-पिता के सपनों को साकार करना ही मेरे जीवन का उद्देश्य है।

नगर के लोगों को भी हैं उम्मीदें
हरेन्द्र के आईएएस होने के बाद नगरवासियों को भी उनसे काफर उम्मीदें हैं। नगरवासियों का कहना है कि इस छोटे से नगर का एक युवक आईएएस होकर देश सेवा करेगा। इसमें हमारे नगर के साथ—साथ हमारे जिले का भी नाम रोशन होगा।

 

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