
फिरोजाबाद। फिरोजाबाद जिले की डीएम नेहा शर्मा ने अब भ्रष्टाचार पर कड़ा वार किया है। उन्होंने ग्राम पंचायतों में कार्य करने वाले सचिवों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए गांवों में बैठकें करने के निर्देश दिए हैं। ग्राम पंचायत सचिव अब पंचायत घर पर बैठकें करेंगे और क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों की जानकारी ग्रामीणों को देंगे। ऐसा करने से क्षेत्र में विकास कार्य न होने की आने वाली शिकायतों पर लगाम लगेगी। वहीं हर व्यक्ति को अपने क्षेत्र में आने वाली धनराधि और कराए गए विकास कार्यों की जानकारी भी रहेगी।
पारदर्शिता लाना है मक्सद
पंचायत स्तर पर होने वाली बैठकों में आगामी कार्य योजनाओं को भी शामिल किया जाएगा। जिससे गांव या क्षेत्र में जिस कार्य की अधिक जरूरत हो उसे प्रमुखता से पूरा कराया जा सके। कार्य योजना में आने वाले विकास कार्यों को गति देने का काम भी जिला प्रशासन द्वारा किया जाएगा। बैठक में सचिव को शासन द्वारा जारी धनराशि और उसके सापेक्ष खर्च हुई धनराशि का भी हिसाब देना होगा। इस निर्णय को लेने के पीछे डीएम की मंशा ये है कि ग्रामीण और अधिकारियों के बीच पारदर्शिता बनी रहे।
हर वित्त की देनी होगी जानकारी
पंचायत में 14वें वित्त के अलावा अन्य वित्त से भी धनराशि निर्गत की जाती है। कभी मनरेगा तो कभी स्वच्छ भारत मिशन के तहत विकास कार्य कराए जाते हैं। जनता को जानकारी न होने के कारण आए दिन शिकायतें होती हैं। क्षेत्र के विकास के लिए कितनी धनराशि आई और उसके सापेक्ष कितनी विकास कार्यों पर खर्च हुई। इसकी जानकारी लोगों तक नहीं पहुंच पाती है। इसलिए शिकायतों का दौर शुरू हो जाता है लेकिन पंचायत घरों पर बैठकें होने के बाद लगभग शिकायतें समाप्त होने की आशंका बढ़ गई है।
Published on:
27 Apr 2018 02:24 pm
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