
फिरोजाबाद में BJP महिला पार्षद का अनोखा प्रदर्शन
BJP Councilor Head Shave:उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में मंगलवार को नगर निगम परिसर के बाहर उस समय हंगामे जैसे हालात बन गए, जब भाजपा की महिला पार्षद उषा शंखवार ने अपने वार्ड में विकास कार्य न होने का आरोप लगाते हुए अनोखा विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। भीषण गर्मी के बीच नगर निगम के मुख्य गेट पर बैठकर उन्होंने धरना दिया और बाद में ट्रिमर से अपना मुंडन करा लिया। इस घटना ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी और नगर निगम प्रशासन भी सवालों के घेरे में आ गया।
मंगलवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे वार्ड नंबर 6 की भाजपा पार्षद उषा शंखवार कुछ महिलाओं और समर्थकों के साथ नगर निगम पहुंचीं। उन्होंने नगर निगम गेट के बाहर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने महापौर और उनके पति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नगर निगम परिसर में अचानक बढ़ी हलचल के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई।
धरने के बीच महिला पार्षद ने ऐसा कदम उठाया, जिसने सभी को हैरान कर दिया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से ट्रिमर से अपना मुंडन करा लिया। पार्षद का कहना था कि पिछले तीन वर्षों से लगातार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखने के बावजूद उनके वार्ड में कोई विकास कार्य नहीं कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है और जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है।
प्रदर्शन के दौरान उषा शंखवार ने महापौर के पति सुरेंद्र राठौर पर सीधे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके वार्ड के विकास कार्यों को रुकवाने का काम सुरेंद्र राठौर करते हैं। पार्षद ने आरोप लगाया कि कार्यों को लेकर उन पर पैसों के लेनदेन के भी आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने कहा, “मैं तीन साल से लगातार पत्र लिख रही हूं, लेकिन हमारे वार्ड में कोई काम नहीं हुआ। विधायक जी ने अच्छा काम किया है, लेकिन नगर निगम स्तर पर हमारे साथ भेदभाव किया जा रहा है।”
मौके पर मौजूद भाजपा पार्षद मुनेंद्र यादव ने भी नगर निगम अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई वार्डों में विकास योजनाएं कागजों तक सीमित हैं और जनता को सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा। प्रदर्शन कर रहे पार्षदों ने मुख्यमंत्री से मामले की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
मामले की जानकारी मिलते ही नगर आयुक्त प्रशांत नागर मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रही महिला पार्षद से बातचीत की। करीब एक घंटे तक चली वार्ता में अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद दोपहर करीब दो बजे धरना समाप्त हुआ। हालांकि इस विरोध प्रदर्शन ने नगर निगम की कार्यप्रणाली और स्थानीय राजनीति पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
Updated on:
20 May 2026, 2:29 PM IST
Published on:
20 May 2026, 2:29 PM IST
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