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सुहागनगरी में 29 साल के अंदर पहली बार हुआ ऐसा संयोग

फिरोजाबाद में डीएम, सीडीओ, सिटी मजिस्ट्रेट समेत मेयर हैं महिला

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फिरोजाबाद। सुहागनगरी में महिला राज है। ऐसा कहने में कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। वर्ष 1989 में जिला बनने के बाद से लेकर आज तक ऐसा पहले कभी नहीं हुआ जब जिले की डीएम महिला, सीडीओ महिला, सिटी मजिस्ट्रेट महिला यहां तक कि महापौर भी महिला रहीं हों। इन महिला अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के एक इशारे पर इस जिले में लाइन लग जाती है। जिले में कमान महिला अधिकारियों के हाथ में आने के बाद जिले भर के लोगों के अंदर न्याय की उम्मीद भी जगने लगी है। खास तौर से महिलाओें में खुशी की लहर है।

एक साल पहले आईं थीं डीएम
सुहागनगरी में तीन मार्च 2017 को नेहा शर्मा ने बतौर जिलाधिकारी के रूप में फिरोजाबाद का कार्यभार ग्रहण किया था। उसके बाद उन्होंने जिले की स्थिति में काफी सुधार किए। जिले के सुधार के लिए उन्होंने काफी प्रयास किए। उन्हीं की मेहनत के चलते फिरोजाबाद में स्वच्छ भारत अभियान की झलक दिखाई देती है। हाल ही में हुए नगर निगम के चुनाव में नूतन राठौर को फिरोजाबाद शहर का महापौर चुना गया। महापौर बनने के बाद उन्होंने शहर की समस्याओं के निदान के लिए प्रयास शुरू कर दिए। प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री और राज्यपाल से भी उन्हें सम्मान मिल चुका है।

सीडीओ और सिटी मजिस्ट्रेट भी महिला
फिरोजाबाद में करीब 20 दिन पूर्व सीडीओ के पद पर नेहा जैन ने कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने भी आते ही विकास के क्षेत्र में प्रयास करने शुरू कर दिए। सरकारी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचे इसके लिए सीडीओ ने अधीनस्थों के पेेंच कसना शुरू कर दिया। दो दिन पहले सिटी मजिस्ट्रेट के रूप में अमेठी में एसडीएम रहीं प्रियंका सिंह ने पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने भी शहर के विकास को लेकर अधीनस्थों के पेंच कसना शुरू कर दिया।

प्रशासन के हैं ये सरताज
प्रशासन के ये चारों सरताज हैं। जिले में प्रशासन के सबसे ऊंचे पद पर बैठी डीएम नेहा शर्मा, उनके नीचे सीडीओ नेहा जैन और सिटी मजिस्ट्रेट प्रियंका सिंह की तिगडी जिले में बनने के बाद क्षेत्र की महिलाओं को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। डीएम नेहा शर्मा का कहना है कि बिना भेदभाव के विकास कार्य कराना और पीड़ितों को न्याय दिलाना उनका मुख्य उद्देश्य है।