
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद का अपना अलग ही स्थान है। भले ही प्रदेश में 75 जिले हों लेकिन जो बात यहां की चूड़ियों और राजनीति में है वह कहीं भी नहीं है। कांच नगरी के नाम से प्रसिद्ध फिरोजाबाद में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चुनाव लड़ चुके हैं तो उनके बाद उनकी धर्मपत्नी डिंपल यादव और उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव भी यहां से चुनाव लड़ चुके हैं। यहां की चूड़ियां भी पूरे प्रदेश में इस शहर को एक अलग नई पहचान दिलाती हैं।
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अधिकतर खेती करते हैं किसान
फिरोजाबाद जिला कृषि पर निर्भर है। यहां अधिकतर किसान कनवास करते हैं। गांवों में रहकर लोग खेती पर ही निर्भर हैं। इस जिले की कुल आबादी करीब 25 लाख है। इसमें से फिरोजाबाद शहर की आबादी करीब पांच लाख के आस—पास है। फिरोजावाद नगर पालिका की स्थापना सन् 1868 में प्रारम्भ हुई।
वर्तमान में भारत में सबसे अधिक काँच की चूड़ियाँ, सजावट की काँच की वस्तुएँ, वैज्ञानिक उपकरण, बल्ब आदि फ़िरोज़ाबाद में बनाये जाते हैं।
यह है फिरोजाबाद की पहचान
भारत में काँच का सर्वाधिक फ़िरोज़ाबाद नामक छोटे से शहर में बनाया जाता है। इस शहर के अधिकांश लोग काँच के किसी न किसी सामान के निर्माण से जुड़े उद्यम में लगे हैं। सबसे अधिक काँच की चूड़ियों का निर्माण इसी शहर में होता है। रंगीन काँच को गलाने के बाद उसे खींच कर तार के समान बनाया जाता है और एक बेलनाकार ढाँचे पर कुंडली के आकार में लपेटा जाता है। स्प्रिंग के समान दिखने वाली इस संरचना को काट कर खुले सिरों वाली चूड़ियाँ तैयार कर ली जातीं हैं।
यह है फिरोजाबाद जिले की स्थिति—
फिरोजाबाद की वर्तमान जनसंख्या वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 24 लाख 98 हजार 156 है। इसमें पुरुषों की संख्या 13 लाख 32 हजार 46 है जबकि महिलाओं की संख्या 11 लाख 66 हजार 110 है।
Published on:
24 Jan 2020 07:01 pm

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