
ashok yadav
फिरोजाबाद। दुष्कर्म और चौथ मांगने के आरोप में घिरे पूर्व मंत्री अशोक यादव के राजसी ठाठ—बाट हैं। कई एकड़ में उनका साम्राज्य फैला हुआ है। दो बार विधायक और एक बार प्रदेश सरकार में मंत्री रहे शिकोहाबाद निवासी अशोक यादव को कुत्ते और घोड़े पालने का शौक है। मुख्य द्वारा पर शेर जबकि प्रवेश द्वार पर चीनी मिट्टी के हाथी बने हुए हैं।
एक दर्जन से अधिक हैं सुरक्षाकर्मी
पूर्व मंत्री की सुरक्षा में एक दर्जन से अधिक सुरक्षाकर्मी रहते हैं। कोठी जैसे उनके आवास में घोड़े और कई कीमती और खतरनाक कुत्ते रहते हैं। उनकी इजाजत के बिना कोई घर में प्रवेश नहीं कर सकता। पूरा आवास में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। मकान के अंदर रिसेप्शन, गार्डन, तोप, कीमती झूमर, सोफे, खेलने का मैदान, बुलंद दरवाजे की तरह का दरवाजा, अशोक यादव के बड़े—बड़े फोटो कुत्तों के साथ खिंचे हुए लगे हुए हैं।
भाजपा सरकार में बने मंत्री
अशोक यादव 1996 और 2007 में विधानसभा चुनाव जीते। भाजपा सरकार में वह पर्यटन मंत्री बने। 1978 में उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से वकालात की थी। वह कई बार लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं शिकोहाबाद के नगला हरी सिंह नगला गुलाल निवासी अशोक यादव के पिता का नाम महेश्वर सिंह है। 59 वर्षीय अशोक यादव ने संभल से लोकसभा का चुनाव लड़ा था। जिसमें वह हार गए थे। 2007 में शिकोहाबाद विधानसभा से, 2009 में फिरोजाबाद लोकसभा चुनाव, 2012 में विधानसभा चुनाव और 2017 में सिरसागंज विधानसभा से चुनाव लड़ा लेकिन हार गए।
Published on:
21 Feb 2019 11:22 am

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