
बारिश का कहर जारी, एक के बाद एक करके गिरी मकानों की छत, जलभराव
फिरोजाबाद। जाको राखे साइयां मार सके न कोय वाली कहावत बुधवार रात्रि को चरितार्थ हो गई। बरसात में मकान की छत गिर गई, जिसमें घर का सारा सामान दब गया। गनीमत रही परिवारीजन बाहर बरामदे में सो रहे थे। अन्यथा गंभीर हादसा हो सकता था।
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नई बस्ती निवासी मनोज पुत्र घासीराम पत्नी रेनू और दो बच्चे छाया व देवान के साथ एक मकान में रहते हैं। बुधवार रात को वह परिवार के साथ एक कमरे में सो रहे थे। रात में गर्मी लगने पर वह बाहर बरामदे में सोने चले गए। रात्रि करीब पौने दो बजे उनके कमरे की छत भरभरा कर गिर पडी। अचानक तेज आवाज सुनकर वह जाग गए। कमरे के अंदर का नजारा देखकर वह भगवान का शुक्रिया अदा करने लगे। जिस कमरे में वह सोने गए थे, उसी कमरे की छत गिर गई थी। यदि सोते समय दीवार गिरती तो हादसा बडा हो सकता था। मलबे के नीचे घर का सारा सामान दब गया। आस-पास के लोगों की मदद से मलबे को कमरे से हटाने का काम शुरू किया गया।
इनकी भी गिरी छत
मोहल्ले के ही दीपचन्द्र पुत्र कालीचरन के मकान की भी छत भरभरा कर गिर गई। गनीमत रही हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। थाना पचोखरा क्षेत्र के गांव हिम्मतपुर निवासी महेश उपाध्याय के बने कच्चे मकान की छत देर रात गिर गई। गांव के ही रवेन्द्र शर्मा की भी दीवार गिर गई। गनीमत रही कि हादसे में कहीं कोई दुर्घटना घटित नहीं हुई।
सड़क कटने से दो दर्जन गांवों का रास्ता बंद
लगातार बारिश होने की वजह से गांव धीरपुरा से नियामतपुर जाने वाली सड़क बारिश के चलते कट गई। इसकी वजह से करीब दो दर्जन गांवों का रास्ता बंद हो गया। बारिश में करीब सात फीट सड़क पानी में बह गई। सडक कट जाने के कारण नियामतपुर, घुरकुआ समेत अन्य गांवों को आने-जाने का मार्ग बंद हो गया। मार्ग बंद हो जाने को लेकर ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
Published on:
27 Jul 2018 10:09 am
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