
फिरोजाबाद। देर रात आए तूफान की तबाही की गवाही टूटे हुए पेड़ और टूटे हुए तार दे रहे हैं। मौसम विभाग ने पहले ही तूफान के आने की घोषणा कर दी थी। तूफान को देखते हुए आगरा के डीएम ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था। सोमवार रात को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। तेज हवाओं के साथ आंधी और बारिश शुरू हो गई। देर रात तक चली आंधी में कई पेड़ धराशाही हो गए और विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। खेतों में रखी किसानों की फसल भी तेज आंधी में उड़ गई। जिसकी वजह से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
छह दिन पहले भी हुई थी तबाही
छह दिन पहले भी सुहागनगरी की तबाही हुई थी। आंधी और तूफान ने चार लोगों की जिंदगी को समाप्त कर दिया था। इनके अलावा दर्जनों किसानों की फसल बर्बाद कर दी थी। कई किसानों के दुधारू पशु आकस्मिक काल का ग्रास बन गए थे। प्रशासनिक ने तत्परता दिखाते हुए पीड़ित किसानों को करीब 21 लाख रूपए की आर्थिक मदद पहुंचाने का काम किया था। इसमें भी तमाम किसान मदद पाने से वंचित रह गए थे।
अब फिर उड़ी फसल, टूटे पोल
सोमवार रात में एक बार फिर तूफान ने किसानों को परेशान कर दिया। तेज आंधी से किसानों की फसल उड़ गई और विद्युत पोल टूटकर गिर गए। इसकी वजह से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में कई पेड टूटकर गिर गए। इसकी वजह से यातायात भी बाधित हो गया। हालांकि तूफान की सूचना पहले से होने की जानकारी पर प्रशासन ने जाम की स्थिति पैदा होने से पहले ही रास्ते में टूटे हुए पेड़ों को तत्काल हटवा दिया। प्रशासन एक बार फिर प्रभावित किसानों की पीड़ा सुनने के लिए तैयार हो गया है। इस मामले में डीएम नेहा शर्मा का कहना है कि दैवीय आपदा से जिस किसी किसान का नुकसान होगा उसे आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी।
Published on:
17 Apr 2018 08:46 am
बड़ी खबरें
View Allफिरोजाबाद
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
